भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेशाध्यक्ष विभा अवस्थी के निर्देश पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में “डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम” के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन भाजपा जिला कार्यालय में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उन्हें डिजिटल माध्यमों के उपयोग में दक्ष बनाना है, ताकि वे पार्टी की नीतियों, संगठन की गतिविधियों और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक आसानी से पहुंचा सकें।

कार्यक्रम में जिला प्रभारी गीतांजलि पटनायक और जिला सह-प्रभारी रत्नावली कौशल की विशेष उपस्थिति रही। इनके अलावा भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल सहित महिला मोर्चा की बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहीं। कार्यशाला के दौरान महिलाओं ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, मोबाइल एप्लीकेशन, ऑनलाइन प्रशिक्षण और संगठनात्मक कार्यों को तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाने की जानकारी प्राप्त की।
जिला सह-प्रभारी एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने अपने संबोधन में कहा कि महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष विभा अवस्थी का स्पष्ट निर्देश है कि इस अभियान को केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे प्रत्येक मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज का दौर डिजिटल तकनीक का है और यदि संगठन को समय के साथ आगे बढ़ना है तो प्रत्येक कार्यकर्ता को तकनीकी रूप से सक्षम होना होगा।
रत्नावली कौशल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “डिजिटल इंडिया” अभियान ने देश को नई दिशा दी है। आज सरकारी सेवाएं, योजनाएं और विभिन्न सुविधाएं तेजी से डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध हो रही हैं। ऐसे समय में महिला मोर्चा की प्रत्येक कार्यकर्ता को भी तकनीक का ज्ञान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब हर बूथ सखी डिजिटल सखी बनेगी, तभी सरकार की योजनाओं की सही जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुंचेगी और समाज में जागरूकता बढ़ेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण को केवल एक कार्यक्रम न समझें, बल्कि इसे सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल ज्ञान केवल संगठन के लिए ही नहीं बल्कि महिलाओं के व्यक्तिगत विकास, आत्मनिर्भरता और समाज में उनकी भागीदारी को भी मजबूत करेगा। आज महिलाएं मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से शिक्षा, रोजगार, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल ने कहा कि डिजिटल प्रशिक्षण भविष्य की राजनीति और संगठनात्मक कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष 2026 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव और अन्य चुनावों में डिजिटल रूप से प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की भूमिका काफी अहम रहने वाली है। उन्होंने विश्वास जताया कि तकनीक से जुड़ी महिला कार्यकर्ता घर-घर तक पार्टी की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सफल होंगी।
कार्यशाला के दौरान सभी पदाधिकारियों को भाजपा के आधिकारिक “सरल ऐप” के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने ऐप की विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार इसके माध्यम से संगठन की गतिविधियों, कार्यक्रमों और सूचनाओं को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। प्रशिक्षण में वीडियो लेक्चर, ई-लर्निंग सामग्री और लाइव डेमो का भी उपयोग किया गया, जिससे प्रतिभागियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म को समझने में आसानी हुई।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को यह भी बताया गया कि डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारी से उपयोग कैसे किया जाए। सोशल मीडिया पर सही जानकारी साझा करने, फर्जी खबरों से बचने और संगठन की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इससे कार्यकर्ताओं को तकनीक के साथ-साथ डिजिटल जिम्मेदारी की भी जानकारी मिली।
कार्यशाला के अंत में बताया गया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाली महिला कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इससे महिलाओं को अपनी डिजिटल दक्षता का प्रमाण मिलेगा और वे आगे अन्य कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षण देने में सक्षम होंगी।
कार्यक्रम के समापन पर सभी महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे अपने-अपने मंडल और बूथ क्षेत्रों में जाकर अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ेंगी। उनका लक्ष्य हर बूथ सखी को डिजिटल सखी बनाना होगा, ताकि संगठन का डिजिटल नेटवर्क मजबूत हो सके और सरकार की योजनाओं की जानकारी हर परिवार तक समय पर पहुंच सके।
महिला मोर्चा की योजना के अनुसार यह प्रशिक्षण अब संभाग, जिला, विधानसभा, मंडल और अंततः बूथ स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर महिला प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगी। इससे संगठन का डिजिटल ढांचा और अधिक मजबूत होगा तथा महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी बढ़ेगी।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वैजयंती लहरे, जिला उपाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ठाकुर, महामंत्री रागिनी केसरवानी, शिवानी साहू, गणेशी चौहान, ज्योति श्रीवास, विमला कुर्रे, सरिता बंजारे, सुकृता कोसले, रामशिला साहू, पुष्पा साहू, नंदिनी साहू, सविता गढ़तिया, हेमंती भारती, सरिता जांगड़े सहित जिले के सभी मंडलों की महिला मोर्चा पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
यह कार्यशाला केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि महिलाओं को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। संगठन का मानना है कि तकनीक से जुड़ी महिला कार्यकर्ता न केवल पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करेंगी, बल्कि समाज में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। आने वाले समय में इस अभियान के माध्यम से हजारों महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण देकर उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
