हर साल मानसून के दौरान उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में आकाशीय बिजली गिरने से सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है। खेतों में काम कर रहे किसान, पेड़ के नीचे खड़े राहगीर और खुले मैदान में मौजूद लोग सबसे ज़्यादा खतरे में होते हैं। सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी से इन जानलेवा हादसों को टाला जा सकता है।
बिजली गिरने का खतरा कब सबसे ज़्यादा होता है
तेज़ बारिश से पहले और उसके दौरान आसमान में बादल आपस में टकराते हैं, जिससे आकाशीय बिजली पैदा होती है। ये बिजली सबसे ऊंची और खुली जगह पर मौजूद वस्तु पर गिरने की संभावना रखती है — जैसे अकेला पेड़, बिजली का खंभा, या खुले मैदान में खड़ा इंसान।
बचाव के लिए ये 8 बातें ज़रूर मानें
- खुले मैदान से तुरंत हट जाएं — बादल गरजते ही खेत, मैदान या खुली छत छोड़कर सुरक्षित इमारत में चले जाएं।
- अकेले पेड़ के नीचे खड़े न हों — पेड़ बिजली को अपनी ओर खींचता है। तूफान के दौरान पेड़ के नीचे शरण लेना सबसे खतरनाक गलतियों में से एक है।
- मोबाइल और बिजली के उपकरण दूर रखें — आंधी-तूफान के दौरान मोबाइल फोन, चार्जर, या बिजली के तार से जुड़े उपकरण से दूरी बनाएं।
- पानी से दूर रहें — तालाब, नदी या पूल में या उसके आसपास तूफान के दौरान न जाएं — पानी बिजली का बेहतरीन सुचालक है।
- गाड़ी के अंदर रहना सुरक्षित है — गाड़ी में हैं तो उसी में रुके रहें, खिड़कियां बंद रखें।
- समूह में खड़े न हों — खुले में फंस जाएं तो एक-दूसरे से कम से कम 15 फीट की दूरी बनाकर अलग-अलग बैठें।
- झुककर बैठें, लेटें नहीं — छिपने की जगह न मिले तो घुटनों के बल बैठकर सिर नीचे झुका लें, ज़मीन से कम से कम संपर्क रखें।
- तूफान थमने के 30 मिनट बाद ही बाहर निकलें — आखिरी बिजली चमकने के कम से कम आधे घंटे बाद तक घर के अंदर ही रहें।
अगर किसी पर बिजली गिर जाए तो क्या करें
बिजली से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में करंट नहीं रहता, इसलिए उसे तुरंत छूकर मदद की जा सकती है। सबसे पहले एम्बुलेंस को कॉल करें, अगर सांस या दिल की धड़कन रुक गई हो तो तुरंत CPR शुरू करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या घर के अंदर रहना पूरी तरह सुरक्षित है?
घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित है, लेकिन खिड़की-दरवाज़े और बिजली के उपकरणों से दूर रहें, नहाने या नल छूने से बचें।
क्या रबर के जूते पहनने से बिजली से बचाव होता है?
नहीं, ये आम गलतफहमी है। रबर के जूते या टायर बिजली के खतरे से पूरी तरह नहीं बचाते।
बिजली चमकने और गरजने के बीच समय से खतरे का अंदाज़ा कैसे लगाएं?
चमक दिखने के बाद गिनती शुरू करें, गरज सुनते ही रोक दें। हर 5 सेकंड लगभग 1 मील (1.6 किमी) दूरी दर्शाते हैं — जितना कम समय, उतना ज़्यादा नज़दीक तूफान।
(यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवा से संपर्क करें।)



