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ब्राजील का टूटा वर्ल्ड कप सपना, हालैंड के डबल गोल से नॉर्वे ने रचा 88 साल का इतिहास

ब्राजील का टूटा वर्ल्ड कप सपना, हालैंड के डबल गोल से नॉर्वे ने रचा 88 साल का इतिहास

फुटबॉल की दुनिया में एक ऐसा उलटफेर देखने को मिला जिसने करोड़ों फैंस को हैरान कर दिया। पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील का फीफा वर्ल्ड कप जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में नॉर्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्राजील को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ नॉर्वे पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया, जबकि ब्राजील 1990 के बाद पहली बार राउंड ऑफ 16 से बाहर हो गया।

इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड। उन्होंने मैच के आखिरी दस मिनट में दो शानदार गोल दागकर ब्राजील की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वहीं इंजरी टाइम में नेमार ने पेनल्टी पर एक गोल जरूर किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

हालैंड ने बदला मैच का पूरा रंग

न्यू जर्सी में खेले गए इस मुकाबले का पहला हाफ गोलरहित रहा। दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई भी गोल में तब्दील नहीं हो सका। दूसरे हाफ में भी काफी देर तक मुकाबला बराबरी पर चलता रहा।

80वें मिनट में एर्लिंग हालैंड ने शानदार हेडर के जरिए नॉर्वे को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद ब्राजील बराबरी की कोशिश में पूरी टीम के साथ आगे बढ़ा, लेकिन इसी का फायदा उठाकर हालैंड ने 90वें मिनट में बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाते हुए दूसरा गोल कर दिया।

ब्राजील ने इंजरी टाइम में नेमार की पेनल्टी के जरिए एक गोल जरूर किया, लेकिन यह हार टालने के लिए काफी नहीं था। आखिरकार नॉर्वे ने 2-1 से जीत दर्ज कर इतिहास अपने नाम कर लिया।

88 साल में पहली बार क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे

नॉर्वे ने पहली बार 1938 में फीफा वर्ल्ड कप खेला था। इसके बाद टीम कई बार टूर्नामेंट से बाहर रही और कभी भी अंतिम आठ टीमों में जगह नहीं बना सकी।

अब अपने चौथे वर्ल्ड कप में नॉर्वे ने पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर नया इतिहास लिख दिया है। यह उपलब्धि देश के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में गिनी जा रही है।

इस जीत के बाद पूरे नॉर्वे में जश्न का माहौल है। खिलाड़ियों से लेकर फैंस तक सभी इस ऐतिहासिक पल का आनंद ले रहे हैं।

ब्राजील का सपना फिर टूटा

दूसरी ओर ब्राजील के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। पांच बार विश्व चैंपियन रह चुकी टीम पिछले 24 साल से विश्व कप ट्रॉफी जीतने का इंतजार कर रही है।

इस बार उम्मीद थी कि नए कोच कार्लो एंसेलोटी के नेतृत्व में टीम ट्रॉफी जीत सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ब्राजील लगातार छठे बड़े टूर्नामेंट में किसी यूरोपीय टीम के खिलाफ हारकर बाहर हो गया।

1990 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब ब्राजील राउंड ऑफ 16 से आगे नहीं बढ़ पाया। इससे पहले वह लगातार नॉकआउट मुकाबलों में आगे का सफर तय करता रहा था।

ब्राजील ने गंवाए कई आसान मौके

मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे ही मिनट में नॉर्वे ने गेंद गोल में पहुंचा दी थी, लेकिन वीडियो जांच में खिलाड़ी ऑफसाइड पाए जाने के कारण गोल रद्द कर दिया गया।

इसके बाद ब्राजील को शानदार मौका मिला। मैथियस कुन्हा पर फाउल के बाद रेफरी ने शुरुआत में पेनल्टी नहीं दी, लेकिन VAR की मदद से फैसला बदला गया और ब्राजील को पेनल्टी मिल गई।

ब्रूनो गुइमारेस के पास टीम को शुरुआती बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन नॉर्वे के गोलकीपर ओरयान नाइलैंड ने शानदार बचाव करते हुए उनका शॉट रोक दिया।

यह बचाव मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

नाइलैंड बने नॉर्वे की दीवार

सिर्फ पेनल्टी ही नहीं, नाइलैंड ने पूरे मैच में कई बेहतरीन सेव किए।

उन्होंने गैब्रियल मार्टिनेली के तेज शॉट को रोका, फिर विनीसियस जूनियर के शानदार प्रयास को भी गोल में जाने से बचा लिया। कई मौकों पर ऐसा लगा कि ब्राजील गोल कर देगा, लेकिन नाइलैंड हर बार दीवार बनकर खड़े रहे।

उनकी शानदार गोलकीपिंग ने ब्राजील के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास तोड़ दिया।

एंड्रिक ने भी गंवाया सुनहरा मौका

ब्राजील के युवा खिलाड़ी एंड्रिक को दूसरे हाफ में मैदान पर उतारा गया। विनीसियस जूनियर ने उन्हें शानदार पास दिया, लेकिन वह आसान मौका भी गोल में नहीं बदल सके।

अगर उस समय ब्राजील बढ़त बना लेता तो मैच का नतीजा शायद अलग हो सकता था।

हालैंड ने मेसी की बराबरी की

इस मुकाबले में दो गोल करने के साथ एर्लिंग हालैंड ने टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या सात कर ली। इसके साथ ही उन्होंने लियोनेल मेसी के सात गोलों की बराबरी भी कर ली है।

हालैंड पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में भी मजबूत दावेदार बन गए हैं।

मैच के बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी दिया गया।

हालैंड ने क्या कहा?

जीत के बाद एर्लिंग हालैंड बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा,

“यह हमारे देश के इतिहास का सबसे शानदार दिन है। हम जानते थे कि हमारे सामने दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, लेकिन हमें अपने खेल पर भरोसा था। पूरी टीम ने शानदार मेहनत की और आज उसका परिणाम मिला।”

उनके बयान से साफ था कि यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल है।

ब्राजील के लिए बढ़ीं मुश्किलें

ब्राजील की टीम ने इस टूर्नामेंट में कई अच्छे प्रदर्शन किए, लेकिन अहम मुकाबले में वह दबाव नहीं झेल सकी।

नेमार ने अंतिम समय में गोल जरूर किया, लेकिन बाकी स्टार खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। ब्रूनो गुइमारेस की पेनल्टी मिस होना, एंड्रिक का आसान मौका गंवाना और लगातार गोलकीपर नाइलैंड से हारना ब्राजील को भारी पड़ गया।

अब टीम को एक बार फिर अगले विश्व कप का इंतजार करना होगा।

अब किससे होगा मुकाबला?

इस जीत के साथ नॉर्वे क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुका है। अब उसका मुकाबला 11 जुलाई को मियामी में मेक्सिको और इंग्लैंड के बीच होने वाले मैच की विजेता टीम से होगा।

हालैंड की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए नॉर्वे अब सिर्फ क्वार्टर फाइनल तक सीमित नहीं रहना चाहता। टीम की नजर पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने और फिर विश्व कप खिताब की ओर बढ़ने पर होगी।

इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में शामिल

फुटबॉल इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं जब किसी छोटी मानी जाने वाली टीम ने बड़े दिग्गज को हराकर दुनिया को चौंका दिया। नॉर्वे की यह जीत भी उन्हीं ऐतिहासिक मुकाबलों में शामिल हो गई है।

ब्राजील जैसी पांच बार की विश्व चैंपियन टीम को नॉकआउट मुकाबले में हराना किसी भी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। नॉर्वे ने न सिर्फ यह कारनामा किया, बल्कि पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर अपने सुनहरे भविष्य की भी मजबूत नींव रख दी।

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि क्या हालैंड की अगुवाई में नॉर्वे अपने इस शानदार सफर को जारी रखते हुए विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर पूरा कर पाएगा या नहीं।

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