रागी (फिंगर मिलेट) को सुपरफूड माना जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। अगर आप पारंपरिक जलेबी को थोड़ा हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो रागी के आटे और गुड़ से बनी जलेबी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इसका स्वाद भी लाजवाब होता है और यह सामान्य मैदे की जलेबी की तुलना में अधिक पौष्टिक मानी जाती है।
अगर आप घर पर हलवाई जैसी कुरकुरी और स्वादिष्ट जलेबी बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके लिए है।
Ragi Jalebi Recipe: आवश्यक सामग्री
रागी जलेबी बनाने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत होगी।
- 1 कप रागी का आटा
- ½ कप मैदा
- 2 बड़े चम्मच दही
- 1 छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर
- 1 कप गुनगुना पानी
- तलने के लिए घी या तेल
- चाशनी के लिए
- 1 कप कद्दूकस किया हुआ गुड़
- ½ कप पानी
- ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- कुछ केसर के धागे (वैकल्पिक)
- 1 छोटा चम्मच नींबू का रस

घोल कैसे तैयार करें?
सबसे पहले एक बड़े बाउल में रागी का आटा और मैदा डालें। अब इसमें दही और बेकिंग पाउडर मिलाएं।
इसके बाद थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए स्मूद बैटर तैयार करें। ध्यान रखें कि घोल न ज्यादा पतला हो और न ही ज्यादा गाढ़ा।
अब इसे ढककर 30 से 45 मिनट के लिए रख दें ताकि बैटर अच्छी तरह सेट हो जाए।
गुड़ की चाशनी बनाने की विधि
- एक पैन में पानी और गुड़ डालकर धीमी आंच पर गर्म करें।
- जब गुड़ पूरी तरह घुल जाए, तब इसे छान लें ताकि कोई अशुद्धि न रहे।
- अब इसमें इलायची पाउडर और केसर डालें।
- अंत में कुछ बूंदें नींबू के रस की डालें। इससे चाशनी जल्दी नहीं जमेगी।
- चाशनी को हल्का गाढ़ा रखें।
रागी जलेबी कैसे बनाएं?
तैयार बैटर को जलेबी बोतल, पाइपिंग बैग या मोटे प्लास्टिक बैग में भर लें। अब कड़ाही में घी या तेल मध्यम आंच पर गर्म करें।
तेल गर्म होने के बाद गोल-गोल घुमाते हुए जलेबी का आकार बनाएं। जलेबी को दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
अब तुरंत गर्म जलेबी को 30 से 40 सेकंड तक गुनगुनी चाशनी में डुबो दें। इसके बाद जलेबी को बाहर निकाल लें।

हलवाई जैसी कुरकुरी जलेबी बनाने के आसान टिप्स
- बैटर को बहुत पतला न रखें।
- तेल बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए।
- चाशनी हमेशा हल्की गर्म रखें।
- जलेबी तलने के बाद तुरंत चाशनी में डालें।
- स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से पिस्ता या बादाम भी डाल सकते हैं।
रागी जलेबी खाने के फायदे
रागी में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। गुड़ रिफाइंड चीनी की तुलना में कई खनिज तत्व प्रदान करता है और मिठास का प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। रागी की जलेबी सामान्य जलेबी की तुलना में अधिक पौष्टिक विकल्प हो सकती है, लेकिन इसे भी संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए।
कब करें सर्व?
रागी जलेबी को सुबह के नाश्ते, शाम की चाय या किसी खास मौके पर परोसा जा सकता है।
इसे गर्मागर्म दूध, रबड़ी या दही के साथ भी सर्व किया जा सकता है।
त्योहारों और पारिवारिक समारोहों में भी यह एक अलग और हेल्दी मिठाई का विकल्प बन सकती है।
स्टोर करने का तरीका
यदि जलेबी बच जाए, तो इसे एयरटाइट डिब्बे में रखें। इसे 1 दिन तक सामान्य तापमान पर रखा जा सकता है।
दोबारा खाने से पहले हल्का गर्म कर लें, जिससे इसका स्वाद और कुरकुरापन बना रहे।



