उत्तर प्रदेश

कानपुर नगर निगम हुआ सख़्त अब होटल, स्कूल, अस्पताल और बड़े संस्थानों पर नगर निगम की सख्ती, नियम तोड़े तो लगेगा भारी जुर्माना

कानपुर नगर निगम हुआ सख़्त अब होटल, स्कूल, अस्पताल और बड़े संस्थानों पर नगर निगम की सख्ती, नियम तोड़े तो लगेगा भारी जुर्माना
कानपुर नगर निगम के उपाध्यक्ष अर्पित उपाध्यक्ष ने सख्त लहजे में दी चेतावनी, शहर गंदा करने वालो को नही बख्शा जाएगा

■ कानपुर में कचरा प्रबंधन के नए नियम, लापरवाही पर जुर्माना

कानपुर। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कानपुर नगर निगम ने बड़े कचरा उत्पादकों के लिए नए नियम लागू करने की सार्वजनिक सूचना जारी की है। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि अब होटल, मैरिज हॉल, आवासीय सोसायटी, शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय सहित सभी बड़े संस्थानों को अपने परिसर में ही कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन करना होगा। यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों पर मौके पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

नगर निगम की ओर से जारी सूचना के अनुसार जिन संस्थानों का निर्मित क्षेत्रफल 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक, प्रतिदिन 40 हजार लीटर या उससे अधिक पानी का उपयोग होता है अथवा जहां प्रतिदिन 40 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस कचरा निकलता है, उन्हें बड़े कचरा उत्पादक की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे सभी संस्थानों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का पालन करना अनिवार्य होगा।

नगर निगम ने निर्देश दिए हैं कि सभी बड़े कचरा उत्पादक अपने परिसर में निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करें। गीले कचरे का निस्तारण परिसर में ही कम्पोस्ट खाद बनाने, बायोगैस संयंत्र अथवा अन्य स्वीकृत वैज्ञानिक तरीकों से करना होगा। सूखे कचरे को नगर निगम की व्यवस्था के अनुसार अलग से सौंपना होगा। जिन संस्थानों में परिसर के भीतर कचरे के निस्तारण की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा।

नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित संस्थानों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पंजीकरण पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद संस्थानों को एक माह का समय दिया जाएगा ताकि वे आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर सकें। इसके बाद नगर निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में जाकर निरीक्षण करेंगी और यह जांचेंगी कि नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

निरीक्षण के दौरान यदि किसी संस्थान में गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण नहीं पाया गया, परिसर में कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण नहीं किया गया या अन्य नियमों का उल्लंघन मिला तो संबंधित संस्था के विरुद्ध चालान काटने के साथ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकतम पांच हजार रुपये तक का स्पॉट फाइन लगाया जाएगा। यह कार्रवाई जोनल अधिकारी, जोनल स्वच्छता अधिकारी, क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक अथवा नगर आयुक्त द्वारा अधिकृत अधिकारी करेंगे।

नगर निगम का कहना है कि शहर में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निकलने वाले कचरे का सही ढंग से निस्तारण न होने से प्रदूषण बढ़ता है और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में बड़े संस्थानों की जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है ताकि कचरे का अधिकतम निस्तारण उसी स्थान पर हो जहां वह उत्पन्न हो रहा है। इससे नगर निगम पर कचरे का बोझ कम होगा, लैंडफिल स्थलों पर दबाव घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

नगर निगम ने सभी होटल संचालकों, मैरिज हॉल प्रबंधकों, आवासीय समितियों, स्कूल-कॉलेजों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य बड़े संस्थानों से अपील की है कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का तत्काल पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल जुर्माना वसूलने के लिए नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण प्रयास है। आने वाले दिनों में नियमों के पालन को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


 

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