रिपोर्ट : जुहैब अहमद जैवी – कानपुर संवाददाता
Akhilesh yadav in Kanpur : सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को सपा नेता रंजन पहलवान को श्रद्धांजलि देने कानपुर पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि बीजेपी सरकार के दौरान कानपुर की छवि खराब हुई है और इसे “बदनामपुर” बना दिया गया है। इस दौरान अखिलेश यादव ने हाल ही में सामने आए किडनी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ऐसे गंभीर अपराध हो रहे हैं और जांच के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तो “किडनी कांड” पर भी कोई ओटीटी सीरीज बन सकती है।
उन्होंने शहर की औद्योगिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि ऐतिहासिक लाल इमली मिल को लेकर भी बीजेपी सरकार असफल रही है। उनका कहना था कि भविष्य में इसे “लाल टोपी वाले” यानी समाजवादी विचारधारा के लोग ही बेहतर तरीके से चला पाएंगे। नदियों की सफाई को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। पांडु नदी समेत अन्य नदियों में बढ़ती गंदगी पर चिंता जताते हुए कहा कि बीजेपी ने सफाई का वादा किया था, लेकिन हालात बद से बदतर हो गए हैं। नाले और नदियां खुद सरकार की नाकामी की गवाही दे रहे हैं, अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था के अन्य मामलों का भी जिक्र किया और कहा कि कानपुर का नाम आते ही कई दर्दनाक घटनाएं याद आ जाती हैं। उन्होंने प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर भी सरकार पर हमला बोला और इसे आम जनता के लिए “पीड़ित मीटर” बताया।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के लोग इसकी निगरानी कर रहे हैं और कानपुर में ही एक ऐसा मामला सामने आया, जहां कथित रूप से एक मुस्लिम वोटर का नाम काट दिया गया। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए हर वोट महत्वपूर्ण होगा। अंत में, उन्होंने मंत्री नन्द गोपाल नंदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी समाजवादी पार्टी में आने की कोशिश करते थे, उनके लिए अब पार्टी के दरवाजे बंद हो चुके हैं। सपा प्रमुख ने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जनता बीजेपी को जवाब देगी और प्रदेश में बदलाव तय है।
