Digital Learning Program: किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की नई पहल
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने किसानों और कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए Digital Learning Program शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं और पार्टी की किसान हितैषी नीतियों की सही जानकारी पहुंचाना है।
भाजपा किसान मोर्चा सोशल मीडिया प्रदेश सह-प्रभारी दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से किसान और कार्यकर्ता तकनीक का बेहतर उपयोग करना सीखेंगे।
Digital Learning Program क्या है?
Digital Learning Program एक ऑनलाइन प्रशिक्षण अभियान है।
इस कार्यक्रम के जरिए किसान मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सिखाया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कार्यकर्ता मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से पहुंचा सकेंगे।
Digital Learning Program क्यों है जरूरी?
आज केंद्र और राज्य सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही हैं।
इनमें पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, श्रीअन्न योजना और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी कई योजनाएं शामिल हैं।
अक्सर जानकारी समय पर किसानों तक नहीं पहुंच पाती।
ऐसे में Digital Learning Program इस दूरी को कम करने का प्रयास करेगा।
Digital Learning Program पर क्या बोले दक्ष वैद्य साहू?
दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि किसान मोर्चा का लक्ष्य हर कार्यकर्ता को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना है।
उन्होंने बताया कि संगठन चाहता है कि खेत में काम करने वाला किसान भी तकनीक का लाभ उठाए।
इसके साथ ही बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता सोशल मीडिया के जरिए सही जानकारी लोगों तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल रूप से मजबूत कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं का प्रचार भी करेंगे और गलत जानकारी का तथ्यों के साथ जवाब भी दे सकेंगे।
Digital Learning Program में मिलेगा ऑनलाइन प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण भाजपा के आधिकारिक सरल ऐप के माध्यम से दिया जाएगा।
कार्यकर्ताओं को वीडियो लेक्चर, ई-बुक और लाइव ऑनलाइन सत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
इससे वे अपनी सुविधा के अनुसार प्रशिक्षण पूरा कर सकेंगे।
Digital Learning Program के चार प्रमुख मॉड्यूल
प्रशिक्षण को चार हिस्सों में बांटा गया है।
1. भाजपा की विचारधारा
इस मॉड्यूल में भाजपा के इतिहास और किसान हितैषी नीतियों की जानकारी दी जाएगी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक की विचार यात्रा भी समझाई जाएगी।
2. संगठन और नेतृत्व
इस भाग में संगठन की कार्यप्रणाली, नेतृत्व और पंचनिष्ठा के बारे में जानकारी दी जाएगी।
3. नमो ऐप का उपयोग
कार्यकर्ताओं को नमो ऐप के जरिए जनसंपर्क, सुझाव और फीडबैक लेने की प्रक्रिया सिखाई जाएगी।
4. सरकारी योजनाओं का प्रचार
इस मॉड्यूल में पीएम किसान, श्रीअन्न योजना, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना जैसी योजनाओं की जानकारी डिजिटल माध्यम से साझा करना सिखाया जाएगा।
Digital Learning Program में होगी ऑनलाइन परीक्षा
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी।
सफल प्रतिभागियों को भाजपा की ओर से डिजिटल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
इससे कार्यकर्ताओं को डिजिटल कौशल का प्रमाण मिलेगा।
हर मंडल में बनेगी डिजिटल किसान सेना
दक्ष वैद्य साहू ने बताया कि किसान मोर्चा हर मंडल में सोशल मीडिया टीम को मजबूत कर रहा है।
इस अभियान के तहत तकनीक जानने वाले युवाओं को भी जोड़ा जाएगा।
इन युवाओं की मदद से डिजिटल किसान सेना तैयार की जाएगी।
यह टीम सोशल मीडिया पर किसानों से जुड़े मुद्दों और सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करेगी।
किसानों को क्या होगा फायदा?
इस अभियान से किसानों को कई लाभ मिल सकते हैं।
- सरकारी योजनाओं की जानकारी जल्दी मिलेगी।
- डिजिटल माध्यम से आवेदन की जानकारी आसान होगी।
- नई कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी।
- किसानों तक सही और प्रमाणिक सूचना पहुंचेगी।
- डिजिटल जागरूकता बढ़ेगी।
- Digital Learning Program का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों और कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
साथ ही गांवों में तकनीक का उपयोग बढ़ाना भी इसका अहम लक्ष्य है।
भाजपा किसान मोर्चा का मानना है कि डिजिटल रूप से प्रशिक्षित कार्यकर्ता किसानों तक योजनाओं की जानकारी तेजी से पहुंचा सकेंगे।
निष्कर्ष
Digital Learning Program किसानों और कार्यकर्ताओं को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण, ऑनलाइन पढ़ाई और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
यदि यह अभियान सफल रहता है, तो गांवों में डिजिटल जागरूकता बढ़ सकती है और किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहले से अधिक तेजी से पहुंच सकती है।




