रिपोर्ट : राहुल भदौरिया : रेजीडेंट एडिटर
पटना : बिहार की राजनीति में आज एक युग का अंत और नये युग की शुरुआत हो गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष और पिछले 20 वर्षों से बिहार पर राज करने वाले नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के साथ ही रास्ता साफ हो गया और भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा वर्तमान डिप्टी चीफ मिनिस्टर सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। वे बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यह पहला मौका होगा जब भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री देगी। इसी के साथ एफएम न्यूज़ की खबर पर फ़ाइनल मोहर लग चुकी है, एफएम न्यूज़ के रेजिडेंट एडिटर राहुल भदौरिया ने जैसे ही चुनावी तारीखों का एलान हुआ था तभी ये स्पस्ट कर दिया था कि भाजपा में मुख्यमंत्री का ताज सम्राट चौधरी के सिर पर ही सजेगा ।
आज सुबह से पटना में सियासी गतिविधियां चरम पर रहीं। सुबह 9 बजे जदयू के टॉप लीडर्स संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी नीतीश कुमार के आवास पहुंचे। सुबह 11 बजे नीतीश कुमार की कैबिनेट की अंतिम बैठक हुई, जिसमें भावुक माहौल रहा। बैठक में नीतीश कुमार ने कहा, “2005 में जब मैं सरकार में आया, तब से जहां तक मुझसे हो सका, मैंने बिहार के लिए काम किया। नई सरकार को मेरा पूरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा।” इस दौरान कई मंत्रियों की आंखें नम हो गईं। मंत्री रामकृपाल यादव नीतीश कुमार के सामने आंसू पोंछते दिखे।
दोपहर करीब 2:30 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई बड़े नेता नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। इसके बाद दोपहर 3:15 बजे नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और विजय चौधरी एक ही गाड़ी से राजभवन पहुंचे। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा सौंपने के कुछ देर बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया- “अब नई सरकार यहां का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग रहेगा। आगे भी बहुत अच्छा काम होगा, बिहार बहुत आगे बढ़ेगा।”
इस्तीफे के तुरंत बाद भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। शाम 4 बजे बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। NDA की बैठक के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की गई है। अब सम्राट चौधरी 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे लोकभवन (राजभवन) में भव्य शपथग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
सम्राट चौधरी कौन हैं? : सम्राट चौधरी बिहार भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वे वर्तमान सरकार में डिप्टी चीफ मिनिस्टर के साथ-साथ गृह मंत्रालय भी संभाल रहे थे। कोएरी समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी ने अपनी राजनीतिक शुरुआत राजद से की थी, बाद में जदयू होते हुए भाजपा में शामिल हुए। उनकी संगठनात्मक क्षमता और नीतीश कुमार के साथ अच्छे संबंधों को उनकी ताकत माना जा रहा है। दैनिक भास्कर के हालिया सर्वे में भी जनता की पहली पसंद सम्राट चौधरी ही थे, जहां 34 प्रतिशत लोगों ने उन्हें बिहार का अगला मुख्यमंत्री चुना था।
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर : नीतीश कुमार ने 2005 से लेकर अब तक कई बार बिहार की कमान संभाली। उन्होंने सड़क, बिजली, शिक्षा और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में काफी काम किया, जिसके कारण उन्हें ‘सुशासन बाबू’ के नाम से जाना जाता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में उनकी राजनीतिक रणनीति और बार-बार गठबंधन बदलने को लेकर विपक्षी दलों ने काफी आलोचना की। अब वे राज्यसभा सदस्य के रूप में संसद पहुंचेंगे और नई सरकार को अपना मार्गदर्शन देते रहेंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं : भाजपा नेताओं ने इस बदलाव को ‘बिहार के विकास का नया अध्याय’ बताया है। वहीं राजद नेता तेज प्रताप यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि “अगले सीएम रामजी होंगे”। बिहार की जनता अब नई सरकार से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए है। विपक्षी दलों ने कहा है कि वे नई सरकार पर नजर रखेंगे और जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाते रहेंगे। शपथग्रहण के बाद नई कैबिनेट का गठन होगा। मंत्रियों की सूची आज शाम या कल सुबह तक साफ होने की संभावना है। सम्राट चौधरी की सरकार में गृह, वित्त, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों का बंटवारा भी चर्चा में है।
यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि 20 वर्ष बाद पहली बार कोई गैर-जदयू नेता मुख्यमंत्री पद संभालने जा रहा है। बिहारवासी अब नई सरकार से तेज विकास, बेहतर कानून व्यवस्था और युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद कर रहे हैं।
