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“अब महिलाएं चुप नहीं रहेंगी”, डिप्टी सीएम ने सपा-कांग्रेस को दी चेतावनी

“अब महिलाएं चुप नहीं रहेंगी”, डिप्टी सीएम ने सपा-कांग्रेस को दी चेतावनी

रिपोर्ट : जुहैब अहमद जैबी : कानपुर संवाददाता

कानपुर : उत्तर प्रदेश की सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। शुक्रवार को कानपुर के नवाबगंज स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन‘ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और भाजपा नेता अपर्णा यादव ने एक साथ मंच साझा किया और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुस्लिम महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात कही है। उन्होंने पूछा, “क्या डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित संविधान में कहीं धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान है? सपा को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।” पाठक ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है, जिससे देश की सामाजिक एकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने याद दिलाया कि जब महिला आरक्षण बिल पास कराने की प्रक्रिया चली तो कांग्रेस के नेतृत्व में सपा ने इसका जमकर विरोध किया था। सदन में बिल की प्रतियां फाड़ दी गई थीं। आज वही विपक्ष महिला आरक्षण बिल पर सवाल खड़े कर रहा है।


उपमुख्यमंत्री ने मुस्लिम महिलाओं के मुद्दे पर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने दशक बीत जाने के बाद भी मुस्लिम महिलाओं को उनके अधिकार क्यों नहीं मिल सके, यह उनसे पूछा जाना चाहिए जिन्होंने इन महिलाओं को गुमराह किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की सराहना करते हुए कहा कि तीन तलाक कानून लागू करके मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाया गया है। अब वह पुराना दौर नहीं रहा जब छोटी-छोटी बातों पर तलाक दे दिया जाता था। महिलाएं अब चुप नहीं रहेंगी और विपक्ष की राजनीति की दुकान बंद होने वाली है।

मंच पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ भाजपा नेता अपर्णा यादव, कानपुर नगर निगम की मेयर प्रमिला पाण्डेय और नीतू सिंह भी मौजूद रहीं। अपर्णा यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद में महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिल का विपक्ष द्वारा विरोध किया जा रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐसे प्रयासों का हर किसी को समर्थन करना चाहिए।”

अपर्णा यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। उन्होंने याद दिलाया कि दशकों पहले जब महिलाएं इसी मांग को लेकर लोकसभा के बाहर प्रदर्शन करती थीं तो उन्हें रोका जाता था और धक्का-मुक्की तक की जाती थी। आज वही विपक्ष संसद के अंदर बिल का विरोध कर रहा है, जो उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।


बीजेपी नेता ने कहा कि यह बिल देश की हर वर्ग की महिलाओं को सशक्त बनाने का काम करेगा। उन्होंने साफ किया कि किसी भी धर्म विशेष के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता और गृहमंत्री ने सदन में इस विषय को विस्तार से स्पष्ट कर दिया है। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी बढ़ती भागीदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं कार्यक्रम में शामिल हुईं और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि अब महिलाएं खुद अपना भविष्य तय करेंगी। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि पुरानी राजनीति अब नहीं चलेगी। केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही है।

इस मौके पर अपर्णा यादव ने भी महिलाओं से अपील की कि वे एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में महिला आरक्षण बिल को राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। सपा और कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों ने पूरे कार्यक्रम में राजनीतिक रंग भी दिया।


 

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