मुंगेली, 1 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवलपुर में हुए दंपति के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच के बाद मृतक नंदकुमार कश्यप के सगे भाई नंदु कश्यप को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो धीरे-धीरे गहरी रंजिश में बदल गया।
नवलपुर डबल मर्डर केस : कई दिनों तक नहीं हुआ माता-पिता से संपर्क
पुलिस के अनुसार, मृतक दंपति के बेटे मोहन कश्यप ने 25 अगस्त 2026 को थाना लोरमी में सूचना दी थी। मोहन और उसका भाई बिलासपुर में रहते हैं, जबकि उनके पिता नंदकुमार कश्यप और मां गौरीबाई कश्यप ग्राम नवलपुर स्थित अपने घर में रहते थे।
मोहन की अपनी मां से आखिरी बार 18 अगस्त की रात फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद मोबाइल रिचार्ज समाप्त होने के कारण बातचीत नहीं हो सकी। 23 अगस्त को रिचार्ज कराने के बाद जब मोहन ने अपनी मां को फोन किया तो कॉल का कोई जवाब नहीं मिला। लगातार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद माता-पिता से बात नहीं हो सकी।
संदेह होने पर मोहन ने अपने चाचा नंदु कश्यप को घर जाकर देखने के लिए कहा। बाद में मोहन और उसका भाई खुद 24 अगस्त को बिलासपुर से नवलपुर पहुंचे। घर के बाहर ताला लगा हुआ था और अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला खोलकर घर के अंदर पहुंचने पर दोनों ने अपने माता-पिता को अलग-अलग स्थानों पर मृत अवस्था में पाया।

संदिग्ध परिस्थितियों में शुरू हुई जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद लोरमी पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर थाना लोरमी पुलिस और साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई।
घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और फॉरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य जुटाए। दोनों शवों का पोस्टमार्टम बिलासपुर स्थित सिम्स में कराया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत हत्या के कारण होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
पैतृक जमीन के विवाद से मिला बड़ा सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक परिवार की सामाजिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई। गांव के लोगों, पड़ोसियों और संभावित संदेहियों से पूछताछ की गई। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि नंदकुमार कश्यप और उसके भाई नंदु कश्यप के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार की पैतृक जमीन के बंटवारे और माता-पिता के हिस्से की जमीन को लेकर दोनों भाइयों के बीच मतभेद बढ़ते गए थे। नंदु कश्यप माता-पिता की देखभाल करता था और इसी कारण कुछ जमीन को लेकर उसका दावा था। वहीं, नंदकुमार भी उस जमीन में हिस्सा चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था।

घटना से पहले भी हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, 16 अगस्त को खेत से जुड़े एक विवाद के बाद दोनों भाइयों के बीच तनाव और बढ़ गया था। इसके अगले दिन, 17 अगस्त की रात भी नंदु कश्यप अपने भाई नंदकुमार के घर पहुंचा था, जहां दोनों के बीच विवाद हुआ। उस समय परिवार के एक अन्य सदस्य के पहुंचने के बाद मामला आगे नहीं बढ़ा और नंदु वहां से चला गया।
हालांकि पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपी के मन में अपने भाई के प्रति गुस्सा और रंजिश बनी रही। जांच के दौरान इसी पुराने विवाद और जमीन से जुड़े मतभेद को हत्या की मुख्य वजह माना गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया अपराध
पुलिस जांच में जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर नंदु कश्यप पर संदेह गहराता गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया और घटना में इस्तेमाल किए गए लोहे के औजार के बारे में जानकारी दी।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की कुदरी बरामद कर जब्त कर ली। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 1 सितंबर 2026 को आरोपी नंदु कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस डबल मर्डर केस की जांच और खुलासे में लोरमी थाना पुलिस तथा साइबर सेल की विशेष टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल की जांच, तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय पूछताछ और पारिवारिक विवाद से जुड़े तथ्यों को जोड़ते हुए मामले की गुत्थी सुलझाई।
ग्राम नवलपुर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पारिवारिक संपत्ति और जमीन से जुड़े विवाद किस तरह गंभीर रूप ले सकते हैं। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।



