कानपुर। शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित रहे या फिर वह विद्यार्थियों को रोजगार और जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए भी तैयार करे? इसी महत्वपूर्ण विषय पर शुक्रवार को रतनलाल नगर स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित के.एस.एस. अंतर विद्यालयीय अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता में शहर के मेधावी विद्यार्थियों ने अपने विचारों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता में सीबीएसई, कानपुर जोन-बी के 23 विद्यालयों के 46 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा, तार्किक क्षमता और अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़ का परिचय दिया।
इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय “कौशल: शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटना” रखा गया, जो वर्तमान समय की सबसे बड़ी शैक्षिक चुनौतियों में से एक है। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा व्यवस्था, कौशल विकास, रोजगार की बदलती जरूरतों, नई शिक्षा नीति और व्यावसायिक दक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। पक्ष और विपक्ष दोनों पक्षों के प्रतिभागियों ने तथ्यों, उदाहरणों और प्रभावी तर्कों के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए, जिससे पूरा सभागार देर तक तालियों की गूंज से भर उठा।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. गीता रंधावा, श्रीमती कविता पांडे एवं श्रीमती पायल सक्सेना ने किया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का आकलन विषय-वस्तु, विश्लेषण शक्ति, वक्तृत्व कला, आलोचनात्मक सोच तथा प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया। निर्णायकों ने कहा कि विद्यार्थियों ने जिस परिपक्वता और आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखे, वह उनकी बौद्धिक क्षमता और भविष्य के नेतृत्व की झलक प्रस्तुत करता है।
प्रतियोगिता के परिणामों में पक्ष वर्ग में पूर्णचंद्र विद्या निकेतन की ऋतिका पांडे तथा डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, श्याम नगर की आराध्या त्रिपाठी को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं विपक्ष वर्ग में डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, श्याम नगर की अनुकृति सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया।
इसके अलावा डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, जाजमऊ के सानिध्य चतुर्वेदी को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, जाजमऊ के प्रथम सिंह तथा पूर्णचंद्र विद्या निकेतन के प्रियम रोचलानी को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, किदवई नगर की गर्वित खत्री को पक्ष वर्ग में तथा गुलमोहर पब्लिक स्कूल की चेष्टा शुक्ला को विपक्ष वर्ग में सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार की बौद्धिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक सोच, नेतृत्व क्षमता और प्रभावी संवाद कौशल विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. कृष्णा चौहान ने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा ही भविष्य के भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस दिशा में वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को नई सोच और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्या सुश्री मोनिका जॉन, परीक्षा समन्वयक डॉ. राम पंजवानी, मीनाक्षी शुक्ला, मंजू दुबे, चंद्रशेखर सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ तथा अंत में सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।



