रात के अंधेरे में खाली हुआ राबड़ी आवास, पटना में शिफ्टिंग शुरू , नई सरकार के गठन के बाद जारी नोटिस पर हुई कार्रवाई
पटना : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का पटना स्थित सरकारी आवास अब खाली किया जा रहा है। वर्षों से लालू परिवार की पहचान रहे इस आवास से रात के अंधेरे में सामान शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गुरुवार देर रात कई गाड़ियां राबड़ी आवास पहुंचीं, जिनकी मदद से घर का सामान बाहर निकाला गया। चूंकि यह काम देर रात शुरू हुआ, इसलिए इसकी जानकारी आम लोगों तक ज्यादा नहीं पहुंच पाई।
यह कार्रवाई नई सरकार के गठन के बाद जारी किए गए नोटिस के आधार पर की जा रही है। भवन निर्माण विभाग ने लगभग एक महीने पहले राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही सरकार की ओर से उन्हें नया आवास भी आवंटित किया गया था।
2006 से लालू परिवार का पता रहा राबड़ी आवास

राबड़ी देवी का यह सरकारी आवास साल 2006 से लालू परिवार का स्थायी ठिकाना रहा है। लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी यह आवास परिवार के पास ही बना रहा। इस घर से आरजेडी की कई राजनीतिक रणनीतियां बनीं और कई अहम बैठकें हुईं।
अब जब इस आवास को खाली किया जा रहा है, तो इसे सिर्फ एक घर बदलने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक राजनीतिक दौर के अंत के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को नोटिस भेजा था।
हार्डिंग रोड पर मिला नया आवास

सरकार ने राबड़ी देवी को पटना के हार्डिंग रोड स्थित केंद्रीय पूल आवास संख्या-39 आवंटित किया है। नोटिस में उन्हें पुराने आवास को तय समय सीमा के भीतर खाली करने को कहा गया था। अब उसी आदेश के तहत शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ जरूरी सामान पहले ही नए आवास में भेजा जा चुका है और बाकी सामान धीरे-धीरे शिफ्ट किया जा रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही पूरी शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पटना में मौजूद नहीं हैं लालू और तेजस्वी
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक अहम बात यह भी है कि
लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव दोनों ही इस समय पटना में मौजूद नहीं हैं। दोनों नेता फिलहाल बिहार से बाहर हैं। राबड़ी आवास खाली किए जाने को लेकर अब तक आरजेडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हालांकि, पार्टी के अंदर और समर्थकों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है।
आदेश का परिवार ने किया था विरोध
जब सरकार की ओर से राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस भेजा गया था, तब लालू परिवार ने इसका खुलकर विरोध किया था। आमतौर पर परिवार के भीतर चल रही कलह के बावजूद इस मुद्दे पर पूरा परिवार एकजुट नजर आया था।
तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा था—
“छोटे भाई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बड़े भाई के बंगले को खाली करने का आदेश दे दिया। लालू जी और उनका परिवार अब 10 सर्कुलर रोड के बंगले में नहीं रहेगा।”
राबड़ी देवी और तेजप्रताप यादव दोनों ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था।
पारिवारिक कलह के बीच दिखी एकजुटता
गौरतलब है कि लालू परिवार के अंदरूनी मतभेद हाल के महीनों में खुलकर सामने आए हैं।
बेटी रोहिणी आचार्य
और बेटे तेजप्रताप यादव
कई बार पार्टी और परिवार से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग बयान देते नजर आए हैं। चुनाव के दौरान और उसके बाद भी इन मतभेदों की खूब चर्चा रही।
लेकिन जैसे ही राबड़ी आवास खाली करने का आदेश आया, पूरा परिवार एक सुर में सरकार के खिलाफ खड़ा नजर आया। यह दिखाता है कि राजनीतिक मुद्दों पर परिवार अब भी एकजुट हो सकता है।
RJD की राजनीति का नया केंद्र?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राबड़ी आवास खाली होने के बाद आरजेडी की राजनीति का केंद्र भी बदल सकता है। जिस तरह से यह आवास पार्टी की गतिविधियों का केंद्र रहा है, उसी तरह अब नया आवास भी भविष्य में राजनीतिक बैठकों और रणनीतियों का नया ठिकाना बन सकता है।
फिलहाल, शिफ्टिंग की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही राबड़ी देवी अपने नए सरकारी आवास में पूरी तरह स्थानांतरित हो सकती हैं।
राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली होना सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों और सत्ता परिवर्तन का प्रतीक भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बदलाव का आरजेडी की राजनीति और रणनीति पर क्या असर पड़ता है।
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