बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को होने वाला चुनाव इस बार काफी दिलचस्प हो गया है। अप्रैल में खाली हो रही इन सीटों को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज है। खासकर एनडीए खेमे में संभावित उम्मीदवारों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार उम्मीदवार चयन में सामाजिक समीकरण और आगामी चुनावों को ध्यान में रखा जाएगा। इसी बीच भोजपुरी स्टार और सिंगर पवन सिंह का नाम भी चर्चा में आ गया है। हालांकि, पवन सिंह ने हाल के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय मैदान में उतरकर सबको चौंका दिया था, लेकिन अब उनके एनडीए के करीब आने की अटकलें तेज हो गई हैं।
दूसरी ओर, उपेंद्र कुशवाहा जैसे अनुभवी नेता की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पार्टी उन्हें फिर मौका देगी या नए चेहरे को आगे लाया जाएगा? सूत्रों की मानें तो पार्टी इस बार जातीय संतुलन और राजनीतिक संदेश दोनों को साधने की कोशिश कर सकती है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव आमतौर पर संख्या बल के आधार पर तय होते हैं, लेकिन उम्मीदवारों के नाम राजनीतिक संकेत भी देते हैं। इसलिए इस बार की लिस्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं।
अब देखना होगा कि अंतिम क्षणों में पार्टी किस पर भरोसा जताती है। क्या कुशवाहा की जगह पवन सिंह को मौका मिलेगा या समीकरण कुछ और कहानी लिखेंगे? फैसला आने तक सस्पेंस बना रहेगा।



