रिपोर्ट : राहुल भदौरिया : रेजीडेंट एडिटर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव कर दिया है। 293 सीटों पर हुई मतगणना के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्पष्ट और प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है। शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम परिणामों तक बीजेपी लगातार बढ़त बनाए रही और अब बंगाल का फ़ाइनल रिजल्ट आने के बाद भाजपा ने 206 सीट पर जीत दर्ज की है। जहाँ बहुमत के लिए जरूरी 148 सीटों का आंकड़ा पार्टी ने आसानी से पार कर लिया।
वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है। पार्टी 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी, TMC को फाइनल आंकड़ों में महज 81 सीटों पर सिमटता देखा गया जो कि पिछले चुनावों की तुलना में काफी गिरावट मानी जा रही है। चुनाव से पहले टीएमसी ने 200 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया था, लेकिन नतीजे इसके विपरीत रहे। इस हार के साथ ही ममता बनर्जी के सामने राजनीतिक चुनौती और भी बड़ी हो गई है। क्यों कि ममता बनर्जी को सुवेन्दु अधिकारी ने लगभग 15 हज़ार से अधिकः मतों से मात दी है ।
TMC की करारी शिकस्त के बाद पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भी हार गई हैं। उन्हें भवानीपुर सीट से व्यक्तिगत तौर पर हार का सामना करना पड़ा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की चर्चित सीट भवानीपुर से BJP के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता को 15 हजार 105 के वोटों के अंतर से मात दे दी। यह रिजल्ट बंगाल की सियासत में एक बड़ा मैसेज माना जा रहा है।
राज्य की नंदीग्राम सीट से बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी मजबूत जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 9,000 से अधिक वोटों से हराया, जो इस चुनाव का एक अहम हाईलाइट रहा। नंदीग्राम सीट पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं, क्योंकि यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती है।
इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में कराए गए थे। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को संपन्न हुआ। इसके बाद आज सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। सुरक्षा व्यवस्था के बीच कड़ी निगरानी में वोटों की गिनती की गई। ध्यान देने वाली बात यह रही कि इस बार 294 की बजाय 293 सीटों पर ही मतगणना कराई गई। दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने कड़ा कदम उठाते हुए इस सीट पर हुई वोटिंग को रद्द कर दिया। अब यहां 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा और 24 मई को इसके नतीजे घोषित होंगे।
इसके अलावा, दक्षिण 24 परगना की दो विधानसभा सीटों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान भी कराया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, यह फैसला स्थानीय अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया था, जिसमें चुनावी धांधली की आशंका जताई गई थी।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे राज्य में सत्ता परिवर्तन का संकेत दे रहे हैं। बीजेपी की यह जीत न सिर्फ संगठन की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि मतदाताओं ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। अब सबकी नजरें नई सरकार के गठन और आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी हैं।



