उत्तर प्रदेश : बलिया के ऐतिहासिक सूरहाताल को देश का 100वां रामसर स्थल घोषित किए जाने के बाद जिले में हर किसी को गर्व महसूस हों रहा है। इस उपलब्धि को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सपनों से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्षों पुराने उस सपने को साकार कर दिया है, जिसमें चंद्रशेखर सूरहाताल को वैश्विक पहचान दिलाना चाहते थे। एशिया के बड़े प्राकृतिक वेटलैंड्स में शामिल सूरहाताल को रामसर स्थल का दर्जा मिलना न केवल बलिया बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की खूबसूरती बताते हुए कहा कि महान नेताओं के सपनों और विकास योजनाओं को राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान है। रामसर सूची में शामिल होने के बाद सूरहाताल को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

दयाशंकर सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा सूरहाताल आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान हासिल कर चुका है। सूरहाताल को देश का 100वां रामसर स्थल घोषित किया जाना न सिर्फ बलिया बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और यह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सपनों को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर चाहते थे कि सूरहाताल को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले
लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि देश के महान नेताओं के सपनों और विकास योजनाओं को राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर हमेशा चाहते थे कि एशिया के सबसे बड़े प्राकृतिक तालों में शामिल सूरहाताल को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले और यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण तथा पर्यटन के क्षेत्र में नई मिसाल बने।
उन्होंने बताया कि लगभग 3400 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला सूरहाताल अपनी अनूठी प्राकृतिक संरचना और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। इसकी विशेषता यह है कि जलस्तर कम होने पर करीब 20 किलोमीटर दूर बहने वाली गंगा नदी का पानी प्राकृतिक रूप से ताल में पहुंच जाता है, जबकि बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी वापस गंगा नदी में प्रवाहित हो जाता है। यही प्राकृतिक जल चक्र इसे देश के महत्वपूर्ण वेटलैंड्स में शामिल करता है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने पहले कार्यकाल में सूरहाताल को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की थी। अब रामसर स्थल का दर्जा मिलने के बाद यहां पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को नई गति मिलेगी।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सूरहाताल को रामसर स्थल का दर्जा दिलाना पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे न केवल बलिया को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि क्षेत्र के विकास और संरक्षण के लिए भी नए रास्ते खुले हैं।
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