दूसरी मंजिल पर मची अफरा-तफरी | दमकल की छह गाड़ियों ने 20 मिनट में पाया काबू | फाइलों के नुकसान और आग की वजह की होगी जांच ।
कानपुर। कानपुर नगर निगम मुख्यालय में गुरुवार शाम अचानक लगी आग से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। नगर निगम भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित लेखा एवं प्रकाश विभाग में करीब साढ़े चार बजे धुआं उठता देख कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विभाग में रखी दो अलमारियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिनमें वर्षों से सुरक्षित रखी गई सैकड़ों महत्वपूर्ण फाइलें जलकर नष्ट हो गईं। सूचना मिलते ही पूरे तल को तत्काल खाली कराया गया और दमकल विभाग को बुलाया गया।
मौके पर फायर ब्रिगेड की करीब आधा दर्जन गाड़ियां पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए लगभग 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार्यालय में मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग से रिकॉर्ड रूम में रखे दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा है, जिसका पूरा आकलन किया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही महापौर प्रमिला पांडेय नगर निगम मुख्यालय पहुंचीं और अधिकारियों से पूरी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। धुएं की अधिकता के कारण तत्काल नुकसान का सही आकलन संभव नहीं हो सका है। प्रारंभिक जांच में दो अलमारियों में रखी फाइलों के जलने की पुष्टि हुई है। महापौर ने स्पष्ट कहा कि आग लगने की वजह की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस घटना ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। बागी पार्षद विकास जायसवाल ने आग लगने की घटना पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि नगर निगम जैसे संवेदनशील कार्यालय में दिनदहाड़े आग लगना सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती। उन्होंने आशंका जताई कि हाल ही में कुछ अधिकारियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई और ऑडिट से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें कहीं इस आग की भेंट तो नहीं चढ़ गईं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की कि आग महज हादसा थी या इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है।
इधर कर्मचारियों के संगठन ने भी सरकारी कार्यालयों की खराब व्यवस्था पर चिंता जताई है। प्रगतिशील कर्मचारी संघ ने कानपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालयों में लंबे समय से बनी जलभराव, सीलन और जर्जर विद्युत व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं। संघ ने प्रशासन से विद्युत व्यवस्था का तत्काल निरीक्षण, मरम्मत और कार्यालयों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। वहीं, नगर निगम प्रशासन जली हुई फाइलों का विवरण तैयार करने और नुकसान का आकलन करने में जुटा है। घटना के बाद नगर निगम के रिकॉर्ड प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
