देश में हर साल जनवरी की शुरुआत होते ही भारत रत्न पुरस्कार को लेकर हलचल तेज हो जाती है..जनता से लेकर राजनेता तक अपने अपने हिसाब से इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान को अपने पसंदीदा व्यक्ति को देने की मांग करते है..वहीं दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री गहन चिंतन करने के बाद उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करते हैं..और फिर उस नाम को राष्ट्रपति के सामने पेश करते हैं..आपको बता दें कि भारत रत्न देने की घोषणा जनवरी में की जाती है…हालांकि जनवरी बीतने जा रही है..लेकिन अभी तक भारत रत्तन को लेकर घोषणा नहीं हुई है..लेकिन हर साल की तरह इस साल भी भारत रत्न दिए जाने को लेकर हलचल तेज है..जिसके चलते सभी राजनेता अपने अपने हिसाब से नाम का सुझाव दे रहे हैं..तो आईए अब जानते हैं कौन हो सकता है इस साल का भारत रत्न…
2024 के बाद नहीं मिला भारत रत्न

साल 2024 में लाल कृष्ण आडवाणी, कर्पूरी ठाकुर जैसी कई बड़ी हस्तियों को भारत रत्न के पुरुस्कार से नवाजा गया था..जिसके बाद एक साल से किसी को भी भारत रत्न नहीं दिया गया है..वहीं साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है..और जनवरी बीतने में कुछ दिन बाकी है..जिसके चलते लोग उम्मीद कर रहें कि हर बार की तरह अबकी बार भी किसी महान आदमी को इस पुरुस्कार से नवाजा जाएगा..देश के तमाम राजनीतिक दल अपने विचारों के आधार नाम को आगे रख रहे हैं..वहीं इसको लेकर आखिरी फैसला प्रधानमंत्री को लेना है..जिस पर अब पूरे देश की निगाहें टिकी हैं..
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को मिल सकता है सम्मान
पश्चिम बंगाल की धरती पर पैदा हुए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को पूरे देश में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है..उन्होंने अपने जीवन काल में अनेक रचनाएं लिखी..वहीं साथ ही भारतीय संस्कृति को अपने उपन्यासों में पिरोकर विदेश तक प्रचार प्रसार किया..उनकी रचनाओं ने लोगों में देश प्रेम और समाज सेवाओं की भावना इस हद तक भरी कि उनके गीत आज भी लोगों की जुबान और जहन में रहते है..आपको बता दें कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की रचना की थी..जिसकी पूरे देश में अभी कुछ महीनों पहले 150 वीं जयंती मनाई गई थी..वहीं 150 साल पूरे होने के बाद हो सकता है कि इस बार भारत सरकार उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करे..वहीं इस साल पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं..तो ऐसे में सरकार चाहेगी कि बंगाल के लोगों को लुभाने के लिए कुछ ऐसा किया जाए जिससे कि प्रदेश में उनकी पैठ मजबूत हो..बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय बंगाल से आते हैं..और वहां पर एक बड़े आदर्श भी माने जाते हैं..इसलिए हो सकता है कि अब की बार भारत रत्न बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को (मरणोपरांत) दिया जाए..खैर अभी फिलहाल हम सिर्फ अनुमान ही लगा सकते हैं..बाकि देश में किसको अगला भारत रत्न मिलने वाला है..ये तो घोषणा होने के बाद ही पता चल पाएगा…



