अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार संघर्ष, हवाई हमले और जवाबी कार्रवाइयों की खबरें सामने आई हैं। इसी बीच अफगानिस्तान की ओर से पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में ड्रोन हमले किए जाने के दावे ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
अफगान अधिकारियों का कहना है कि उनके ड्रोन ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मौजूद उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से अफगानिस्तान के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जा रही थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान की ओर से भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

दोनों देशों के बीच बढ़ रहा है संघर्ष
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंध पिछले कई महीनों से तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकी संगठन, विशेष रूप से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), अपने हमलों के लिए कर रहे हैं। दूसरी ओर अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
जून 2026 में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले किए थे। अफगान अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कई नागरिकों की मौत हुई, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके हमले आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे।
ISIS और अन्य आतंकी संगठनों पर नजर
अफगानिस्तान लंबे समय से ISIS-खुरासान (ISIS-K) जैसे आतंकी संगठनों से जूझ रहा है। यह संगठन अफगानिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
अफगान सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि सीमा पार मौजूद कुछ नेटवर्क इन संगठनों को सहायता पहुंचाने का काम कर रहे थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा क्षेत्रों में कई अलग-अलग आतंकी और उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो जाती है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने पहले भी अफगानिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने के आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल उन समूहों को निशाना बनाना है जो पाकिस्तान के भीतर हमले करते हैं।
हाल के हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान ने कहा था कि उसने आतंकवादी ठिकानों पर “सटीक और सीमित” कार्रवाई की है। वहीं अफगानिस्तान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
सीमा पर बढ़ी सैन्य गतिविधियां
सूत्रों के अनुसार दोनों देशों की सीमा पर सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी मजबूत की गई है।
विशेषज्ञों को चिंता है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है। इससे न केवल दोनों देशों की सुरक्षा प्रभावित होगी बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ड्रोन हमलों, हवाई कार्रवाई और सीमा संघर्षों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। दोनों देशों के दावे और आरोप अलग-अलग हैं, इसलिए कई घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह तनाव कम होता है या फिर दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ता है।




