Dhaka : बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के शीर्ष नेता तारिक रहमान करीब 17 साल बाद अपने वतन लौट आए हैं। गुरुवार को तारिक रहमान अपनी पत्नी और बेटी के साथ ढाका एयरपोर्ट पर उतरे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
तारिक रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश में फरवरी में राष्ट्रीय चुनाव होने वाले हैं। अवामी लीग की गैरमौजूदगी और बदले राजनीतिक हालात में तारिक रहमान को देश का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा माना जा रहा है। कई राजनीतिक विश्लेषक उन्हें अगले प्रधानमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार बता रहे हैं।
कौन हैं तारिक रहमान?
60 वर्षीय तारिक रहमान, बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया और देश के पूर्व राष्ट्रपति जनरल जियाउर्रहमान के सबसे बड़े बेटे हैं। राजनीति उन्हें विरासत में मिली, लेकिन उनका राजनीतिक सफर विवादों और आरोपों से भी घिरा रहा।
साल 2007 में, जब बांग्लादेश में सेना समर्थित अंतरिम सरकार सत्ता में थी, तब भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत तारिक रहमान को गिरफ्तार किया गया। 2008 में कोर्ट ने उन्हें इलाज के लिए लंदन जाने की अनुमति दी, जिसके बाद वे वहीं बस गए। ढाका लौटने पर गिरफ्तारी और सजा की आशंका के चलते वे वर्षों तक देश से बाहर रहे।
गंभीर आरोप और ‘डार्क प्रिंस’ की छवि
तारिक रहमान पर सबसे गंभीर आरोप 2004 के ढाका ग्रेनेड हमले से जुड़े रहे हैं। यह हमला शेख हसीना की रैली में हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बची थीं। 2018 में इस मामले में तारिक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
इसके अलावा उन पर
- मनी लॉन्ड्रिंग
- भ्रष्टाचार
- अवैध संपत्ति जमा करने
- मीडिया को डराने
- जैसे कई आरोप लगे।
बांग्लादेश के अखबार ढाका ट्रिब्यून ने मई 2023 में 2001-06 (BNP सरकार) के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार पर तीन-भागों की जांच रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस सीरीज में तारिक रहमान को ‘डार्क प्रिंस’ कहा गया और उन पर सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए।
अमेरिकी दूतावास के केबल्स के हवाले से भी दावा किया गया कि तारिक ने गैर-कानूनी तरीके से करोड़ों डॉलर की संपत्ति जमा की। 2023 में उन्हें अवैध संपत्ति के एक मामले में नौ साल की सजा भी सुनाई गई थी। हालांकि BNP ने हमेशा इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।
2024 में बदली किस्मत
तारिक रहमान और BNP की किस्मत अगस्त 2024 में बदली। छात्र आंदोलन के हिंसक होने के बाद अवामी लीग सरकार गिर गई और शेख हसीना देश छोड़कर भारत चली गईं। इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी।
इस बदलाव ने तारिक रहमान को बड़ी राहत दी। यूनुस की अंतरिम सरकार ने
तारिक रहमान को 84 लंबित मामलों में बरी कर दिया
इनमें ग्रेनेड हमला, मनी लॉन्ड्रिंग, देशद्रोह और जिया चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े केस शामिल थे
कानूनी बाधाएं हटते ही तारिक ने दिसंबर में ही ढाका लौटने का ऐलान कर दिया था।
चुनाव से पहले वापसी का क्या मतलब?
तारिक रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है, जब
12 फरवरी को राष्ट्रीय चुनाव होने हैं
BNP जमीनी स्तर पर खुद को मजबूत करने में जुटी है
अवामी लीग चुनावी दौड़ से बाहर मानी जा रही है
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तारिक की मौजूदगी से BNP कार्यकर्ताओं में नया जोश आएगा। उनकी मां खालिदा जिया गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं, ऐसे में पार्टी को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। यह खाली जगह तारिक रहमान की वापसी से भर सकती है।
क्या तारिक रहमान बनेंगे प्रधानमंत्री?
अगर BNP सत्ता में आती है, तो तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसा हुआ तो वे
अपने पिता जनरल जियाउर्रहमान
और मां खालिदा जिया
के बाद परिवार से तीसरे राष्ट्राध्यक्ष होंगे।
हालांकि, उनके पुराने विवाद और ‘डार्क प्रिंस’ की छवि आने वाले दिनों में एक बड़ा सवाल बनी रहेगी। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की जनता तारिक रहमान को नेता के रूप में स्वीकार करती है या उनके अतीत के आरोप उनके रास्ते में बाधा बनते हैं।
यह भी पढ़े :



