जांजगीर-चांपा। बलौदा थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित हसदेव नदी में शुक्रवार को हुए हादसे के बाद लापता तीनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। हादसे के बाद से ही एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई थीं। रविवार सुबह दो और युवकों के शव मिलने के बाद इस हादसे में लापता सभी तीनों युवकों की तलाश पूरी हो गई।
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 6:15 बजे सूरजपुर निवासी 23 वर्षीय सचिन सिंह का शव बरामद किया गया। इसके बाद सुबह करीब 7 बजे कवर्धा निवासी 22 वर्षीय मुरारी साहू का शव भी रेस्क्यू टीम ने खोज निकाला। इससे पहले चिरमिरी निवासी पवन पाल का शव बरामद हो चुका था। लगातार कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों युवकों के शव मिलने से अभियान समाप्त किया गया।
हसदेव नदी हादसा : पिकनिक मनाने देवरी पहुंचे थे छात्र
बताया गया कि बिलासपुर स्थित चौकसे फार्मेसी कॉलेज के चार छात्र और चार छात्राएं पिकनिक मनाने के लिए देवरी पहुंचे थे। हसदेव नदी के किनारे सभी छात्र-छात्राएं समय बिता रहे थे। इसी दौरान एक युवक नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगा।
उसे बचाने की कोशिश में दो अन्य युवक भी नदी में चले गए। नदी का बहाव तेज होने के कारण तीनों युवक पानी में बह गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

कई घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद लापता युवकों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमों को लगाया गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी करता रहा। नदी में तेज बहाव और पानी की स्थिति को देखते हुए बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
लापता युवकों की तलाश सिर्फ घटनास्थल तक सीमित नहीं रही। घटनास्थल से लेकर कुदरी बैराज तक ड्रोन के जरिए निगरानी की गई। संभावित स्थानों पर नजर रखकर रेस्क्यू टीमों ने तलाश का दायरा बढ़ाया। लगातार प्रयासों के बाद पहले पवन पाल का शव बरामद हुआ और रविवार सुबह सचिन सिंह तथा मुरारी साहू के शव भी मिल गए।
हादसे के बाद प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला
हसदेव नदी में हुए इस हादसे ने पिकनिक स्पॉट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। नदी में तेज बहाव के बीच पिकनिक मनाने पहुंचे युवाओं के साथ हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन अब देवरी पिकनिक स्पॉट को डेंजर जोन घोषित करने की तैयारी में है।
प्रशासन की ओर से यहां लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य नदी के खतरनाक हिस्सों में लोगों को जाने से रोकना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आशंका को कम करना है।

नदी किनारे पिकनिक में सावधानी जरूरी
बारिश के मौसम में नदियों और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने के साथ बहाव भी तेज हो जाता है। ऐसे में नदी के किनारे घूमने या पिकनिक मनाने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो, वहां नदी में उतरना जोखिम भरा हो सकता है।
देवरी में हुआ हादसा भी इसी तरह की गंभीर घटना है। एक युवक को बचाने के प्रयास में दो अन्य युवकों के नदी में चले जाने से तीन लोगों की जान चली गई। घटना के बाद प्रशासन द्वारा पिकनिक स्पॉट को डेंजर जोन घोषित करने की तैयारी को सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल तीनों युवकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, प्रशासन और बचाव दल की कोशिश है कि भविष्य में ऐसे संवेदनशील स्थानों पर लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।




