राजनांदगांव। जिले के छात्र-छात्राओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने शिक्षा मंत्री के सामने अपनी मांगें रखी हैं। संगठन के राजनांदगांव जिला अध्यक्ष तामेश्वर देवांगन ने जिला पदाधिकारियों के साथ शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर छात्रों की परेशानियों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा स्थाई जाति प्रमाण पत्र बनवाने की जटिल प्रक्रिया को सरल करने का रहा।
संगठन का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी प्रक्रिया आसान नहीं होने के कारण जिले के कई छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह समस्या ज्यादा गंभीर बन रही है। प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन पाने की वजह से उन्हें छात्रवृत्ति सहित शिक्षा से जुड़े कई जरूरी कामों में दिक्कतें आती हैं।
स्थाई जाति प्रमाण पत्र : स्थाई जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल करने की मांग
छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन के जिला अध्यक्ष तामेश्वर देवांगन ने शिक्षा मंत्री के सामने स्थाई जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग प्रमुखता से रखी। उनका कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया में कई तरह की औपचारिकताओं और दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है, जिसके कारण आम परिवारों को परेशानी होती है।
कई बार छात्र और उनके अभिभावक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। यदि दस्तावेजों में किसी तरह की कमी रह जाए तो प्रक्रिया और लंबी हो जाती है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई से ज्यादा प्रमाण पत्र बनवाने की चिंता करनी पड़ती है।
संगठन ने मांग की है कि छात्रों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए स्थाई जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को आसान और कम समय में पूरा होने वाली बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ समय पर मिल सके।

छात्रवृत्ति और पढ़ाई में आती है परेशानी
जाति प्रमाण पत्र कई विद्यार्थियों के लिए शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जरूरत है। छात्रवृत्ति, कॉलेज में प्रवेश और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में इसकी आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में प्रमाण पत्र नहीं होने पर विद्यार्थियों को कई स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सर्व समाज संगठन का कहना है कि राजनांदगांव जिले में बड़ी संख्या में ऐसे गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्र हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनके लिए छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि जरूरी प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध नहीं होता, तो इसका सीधा असर उनकी शिक्षा पर पड़ सकता है।
संगठन ने सरकार से इस विषय को गंभीरता से लेने और विद्यार्थियों के हित में जरूरी कदम उठाने की अपील की है।
प्रदेश अध्यक्ष के मार्गदर्शन में लगातार प्रयास
जिला अध्यक्ष तामेश्वर देवांगन ने बताया कि यह मुद्दा संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष मेघनाथ यादव के मार्गदर्शन में संगठन छात्रों से जुड़ी समस्याओं को लगातार सरकार और संबंधित विभागों के सामने रखता रहेगा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं और शिक्षा से जुड़े अधिकारों का लाभ आसानी से मिलना चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना जरूरी है। खासकर ऐसे मामलों में जहां दस्तावेजों की प्रक्रिया के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही हो, वहां संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाना चाहिए।

जिला स्तर पर जारी रहेगा प्रयास
तामेश्वर देवांगन ने कहा कि संगठन जिला स्तर पर छात्र-छात्राओं के हित में लगातार काम करता रहेगा। छात्रों की समस्याओं को सामने लाने और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों तथा सरकार से बातचीत का सिलसिला जारी रखा जाएगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा मंत्री के सामने रखी गई मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार किया जाएगा और स्थाई जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को विद्यार्थियों के लिए आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
छात्रों से जुड़ा यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह की प्रशासनिक परेशानी का असर सीधे विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है। ऐसे में प्रमाण पत्र जैसी जरूरी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने से छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।



