राजनांदगांव। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
राजनांदगांव में नाबालिग से दुष्कर्म : घर से लापता हुई थी नाबालिग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 14 अगस्त 2026 की शाम एक नाबालिग बच्ची घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब उसका कोई पता नहीं चला तो उन्हें किसी व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका हुई।
इसके बाद 16 अगस्त को परिजन सिटी कोतवाली थाने पहुंचे और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 438/26 दर्ज किया। शुरुआती तौर पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बच्ची को बरामद किया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जांच तेज की गई। पुलिस टीम ने अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाई और नाबालिग की तलाश शुरू की। जांच के दौरान 17 अगस्त को पुलिस ने बच्ची को बरामद कर लिया।
पूछताछ में बच्ची ने पुलिस को बताया कि राजनांदगांव के गौरी नगर क्षेत्र निवासी मनोज बड़ोले ने उसे शादी का प्रलोभन देकर अपने साथ ले गया था। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए गए।
आरोपी घटना के बाद था फरार
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी मनोज बड़ोले फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश और पतासाजी की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर मामले में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
POCSO एक्ट के तहत भी कार्रवाई
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ POCSO एक्ट की धाराएं भी शामिल कीं। पुलिस के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 64(2)(एन), 65(2), 351(3), 3(5) तथा POCSO एक्ट की धारा 5(ड) और 6 के तहत कार्रवाई की गई है।
नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों में POCSO कानून के तहत जांच और कानूनी प्रक्रिया की जाती है। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्ची की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती और उसकी निजता की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है।
18 सितंबर को न्यायालय में पेश किया गया
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद 18 सितंबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय की प्रक्रिया के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना आगे भी जारी है और प्रकरण से जुड़े साक्ष्यों को नियमानुसार संकलित किया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच की।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह, सहायक उपनिरीक्षक नंदनी ठाकुर और थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नाबालिग से जुड़े अपराधों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में बच्ची को बरामद करने के बाद आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।



