कानपुर के बर्रा विश्वबैंक स्थित साई राम चैरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ खुशबू सिंह ने मेडिकल जगत में एक ऐसा कारनामा किया है जिसकी मेडिकल जगत में जमकर प्रशंसा हो रही है । दरअसल कानपुर की मशहूर गाइनोलॉजिस्ट डॉ खुशबू सिंह द्वारा फतेहपुर जिले में एक चुनौतीपूर्ण प्रसव करा कर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बताते चले छह किलो वजन की बच्ची का सुरक्षित नार्मल प्रसव कराकर महिला चिकित्सक ने ऐसा कार्य किया, जिसकी चर्चा मेडिकल गलियारों में ज़ोरशोर से हो रही है। इस दौरान जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और चिकित्सकीय निगरानी में स्वस्थ बताए जा रहे हैं। बताते चले इससे पहले केरल में वर्ष 2021 में 5.5 किलोग्राम का बच्चा नॉर्लम डिलेवरी के दौरान हुआ था, ये प्रसव इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है जिस रिकॉर्ड को कानपुर की गाइनोलॉजिस्ट डॉ खुशबू के द्वारा अब तोड़ा जा चुका है ।
चौथी बार प्रसव, 3 लड़को के बाद हुआ बेटी का जन्म
जानकारी के अनुसार असोथर ब्लॉक के ग्राम कोर्रा कनक निवासी सुधा, पत्नी राजेश, चौथी बार प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचीं थी। गर्भावस्था के दौरान जांच रिपोर्ट में बच्चे का वजन सामान्य से अधिक बताया गया था। कई चिकित्सकों ने इस स्थिति में ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराने की सलाह दी थी। इसके बाद परिजनों को महिला चिकित्सक डॉ. खुशबू सिंह के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद वे फतेहपुर के एमएम हॉस्पिटल पहुंचे। बताते चले इस हॉस्पिटल में डॉ खुशबू सिंह वरिष्ठ गाइनोलॉजिस्ट की भूमिका में कई वर्षों अपने सेवाएं दे रही है । रिपोर्ट्स देखने के बाद चिकित्सक ने इसे बेहद चुनौतीपूर्ण मामला माना, लेकिन सुरक्षित प्रसव का भरोसा दिया। रविवार को चिकित्सकीय टीम की निगरानी में महिला का सफलतापूर्वक नार्मल प्रसव कराया गया, जिसमें छह किलो की बच्ची ने जन्म लिया।
कई डॉक्टर ने नार्मल प्रसव से किया था साफ इंकार, कानपुर की डॉ खुशबू ने कराया महिला का नॉर्मल प्रसव
डॉ. खुशबू सिंह ने बताया कि सामान्य तौर पर इतने अधिक वजन वाले शिशु के मामलों में बड़े अस्पतालों में अधिकतर ऑपरेशन की सहायता ली जाती है। लेकिन उनके द्वारा नार्मल प्रसव सीमित संसाधनों के बावजूद अस्पताल के स्टाफ और अनुभव के सहयोग से सुरक्षित प्रसव कराया गया।
अबतक के इतिहास में पहली बार नॉर्मल प्रसव से जन्मा 6 किलो का बच्चा, इससे पहले असम में वर्ष 2021 में जन्मा था करीब 5.5 ग्राम बच्चा
डॉ खुशबू के अनुसार उन्होंने काफी रिसर्च किया लेकिन रिसर्च के अनुसार उन्हें अबतक किसी भी हॉस्पिटल के द्वारा 6 किलोग्राम के बच्चे की नॉर्मल डिलेवरी का केस अबतक नही मिला, इससे पहले वर्ष 2015 में कर्नाटका के किसी हॉस्पिटल में 6.8 किलोग्राम का बच्चा हुआ था लेकिन वो ऑपरेशन के द्वारा हुआ था, और केरल में 5.5 किलोग्राम का बच्चा भी नार्मल डिलेवरी जन्म ले चुका है, लेकिन 6 किलोग्राम के बच्चे का प्रसव नॉर्मल डिलेवरी में ये शायद पहला मामला होगा जो कानपुर की इस महिला चिकित्सक द्वारा फतेहपुर में किया गया है । फ़िलहाल छह किलो की बच्ची के जन्म और सफल प्रसव के बाद परिजनों में खुशी का माहौल है। वहीं अस्पताल प्रशासन भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साहित नजर आ रहा है। चिकित्सकों का मानना है कि इस तरह के चुनौतीपूर्ण मामलों में सही चिकित्सकीय निर्णय, अनुभव और टीमवर्क बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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