मुंगेली, 8 सितंबर 2026। आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उन्हें प्रशासन तक पहुंचाने के लिए मुंगेली में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। अलग-अलग गांवों से आए लोगों ने आवास, राशन, पेंशन, बिजली, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रमाण पत्र और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियां कलेक्टर के सामने रखीं।
जनदर्शन में कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदनों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि पात्र लोगों की समस्याओं का समाधान तय समयसीमा के भीतर किया जाए, ताकि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुंगेली में जनदर्शन : आवास से लेकर राशन तक, लोगों ने रखीं अपनी मांगें
जनदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याओं में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलना प्रमुख रहा। ग्राम पंचायत सुरदा की कौशल्या पटेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत मकान की दूसरी किस्त दिलाने की मांग रखी। वहीं ग्राम केसलीकला के दयाराम सतनामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन दिया।
ग्राम अमोरा की दीपा बाई डड़सेना ने निरस्त हो चुके राशन कार्ड को दोबारा जारी कराने की मांग की। राशन कार्ड जैसी सुविधा ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्होंने प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी।
इसी तरह ग्राम जरहागांव के कमलेश कश्यप ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के साथ-साथ अपने स्वर्गीय पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया। ग्राम मोतीमपुर के महेश पात्रे ने अपने बच्चों के जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने की मांग रखी।
किसानों और बिजली से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं
जनदर्शन में किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी आवेदन पहुंचे। ग्राम बैजना के पुनेश्वर साहू ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण दिलाने की मांग की। किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
बिजली से संबंधित समस्याएं भी लोगों ने प्रशासन के सामने रखीं। ग्राम नुनियाकछार के संदीप मिरे ने घर के आंगन में लगे विद्युत पोल को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने का आवेदन दिया। वहीं ग्राम चंदखुरी के विनय मसीह ने 100 किलोवाट का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग रखी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याएं भी रोजमर्रा के जीवन और खेती-किसानी पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इन मामलों की जांच कर जल्द समाधान करेगा।
उज्ज्वला योजना और पेंशन की भी मांग
ग्राम चमारी की अमेरिका जांगड़े ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर दिलाने के लिए आवेदन दिया। वहीं ग्राम फरहद की गोमती बाई पात्रे ने सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन दिलाने की मांग रखी।
इसके अलावा ग्राम चारभाठा के ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने की मांग की। रामगोपाल तिवारी वार्ड के संतोष पाठक ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
इन आवेदनों से यह भी सामने आता है कि ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी आवास, स्वच्छता, बिजली, सामाजिक सुरक्षा और दस्तावेजों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रशासन से मदद की उम्मीद रखते हैं।
अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने सभी आवेदनों को ध्यान से सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। पात्र मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रशासन का यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी योजनाओं का लाभ तभी प्रभावी माना जाता है, जब वह सही समय पर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। आवेदन लेने के बाद उसकी स्थिति पर नजर रखना और आवेदक को उचित जानकारी देना भी प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
जनदर्शन कार्यक्रम में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर श्री जी.एल. यादव, मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, लोरमी एसडीएम श्री अजीत पुजारी और पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल रहे।
कुल मिलाकर मुंगेली का यह जनदर्शन आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना। लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और प्रशासन ने उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि जनदर्शन में दिए गए आवेदनों पर कितनी जल्दी और प्रभावी कार्रवाई होती है।



