संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन लोकसभा में माहौल गरम रहा। सरकार ने Health Security and National Security Cess Bill, 2025 पेश किया, जिसके तहत पान-मसाला और अन्य डिमेरिट गुड्स पर अतिरिक्त सेस लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का कहना है कि इस सेस से मिलने वाला पैसा स्वास्थ्य सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक कल्याण पर खर्च किया जाएगा।
सरकार ने क्या कहा?
सदन में सरकार ने साफ किया कि –
- यह सेस आम जरूरत की चीज़ों पर कभी नहीं लगेगा।
- टैक्स केवल उन उत्पादों पर लगाया जाएगा जो हानिकारक हैं और समाज को नुकसान पहुँचाते हैं।
- कई दलों ने बिल का समर्थन किया, जबकि कुछ विपक्षी सांसदों ने इसे सेलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की।
सरकार के अनुसार, इस बिल का उद्देश्य राजस्व बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा बजट में सुधार करना है।
विपक्ष का विरोध: “पहले AQI पर बात कीजिए”

सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर जोरदार विरोध किया। कई सांसद मास्क पहनकर पहुंचे और संसद परिसरों में “AQI पर बोलिए” और “प्रदूषण पर चर्चा करिए” जैसी तख्तियाँ लेकर प्रदर्शन करते दिखे।
विपक्ष की मुख्य मांगें थीं:
- दिल्ली और उत्तर भारत में प्रदूषण पर विशेष चर्चा
- स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने पर विचार
- प्रदूषण पर दो घंटे की स्वतंत्र बहस
इन मांगों के चलते सदन में कई बार कार्यवाही बाधित हुई।
आज सदन में क्या हुआ?
दिन भर लोकसभा में दो बड़े मुद्दे छाए रहे –
- Health Security Cess Bill की प्रस्तुति
- दिल्ली-NCR प्रदूषण पर विपक्ष का हंगामा
कुछ मुख्य घटनाएँ:
- सरकार ने बिल पेश किया और कहा कि Essential Commodities पर सेस नहीं लगेगा।
- विपक्ष प्रदूषण पर चर्चा की मांग उठाता रहा।
- पहले दो दिन की तरह आज भी सदन में लगातार रुकावटें देखने को मिलीं।
- हालांकि माहौल पहले दिनों की तुलना में शांत था, लेकिन दोनों मुद्दों पर सदन बार-बार गर्माता रहा।
यह बिल महत्वपूर्ण क्यों है?
सरकार का तर्क है कि हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाने से दो बड़े फायदे होंगे:
स्वास्थ्य संसाधनों के लिए फंड बढ़ेगा
डिमेरिट गुड्स, जैसे पान-मसाला, तंबाकू आदि स्वास्थ्य पर भारी बोझ डालते हैं। इन पर टैक्स बढ़ने से सरकार को अतिरिक्त पैसा मिलेगा जिसे –
- अस्पतालों
- बीमारियों की रोकथाम
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों
पर खर्च किया जा सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और कल्याण में उपयोग
सरकार कहती है कि इस सेस से मिलने वाला हिस्सा सुरक्षा बजट और पब्लिक वेलफेयर प्रोग्राम्स में लगाया जाएगा।
हानिकारक उत्पादों की खपत कम करने में मदद
उच्च टैक्स हमेशा से डिमेरिट गुड्स की खपत को कम करने का तरीका रहा है। इससे समाज में इनके उपयोग को नियंत्रित किया जा सकता है।
नतीजा – सदन गरम, मुद्दे गंभीर
आज का दिन बताता है कि:
- सरकार Health Security Cess को लेकर गंभीर है
- विपक्ष प्रदूषण को लेकर जोरदार दबाव बनाना चाहता है
- आने वाले दिनों में दोनों मुद्दे सत्र में हावी रहेंगे
बिल पास होगा या इसे सेलेक्ट कमेटी में भेजा जाएगा-यह फैसला आगे की चर्चाओं पर निर्भर करेगा। लेकिन इतना तय है कि यह प्रस्ताव आने वाले समय में टैक्स सिस्टम, स्वास्थ्य बजट और डिमेरिट गुड्स मार्केट पर बड़ा असर डाल सकता है।



