उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप की तस्करी के मामले में राजनीति में भूचाल मचा हुआ है। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष को आड़े हाथों लिया तो मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत सभी आरोपियों को प्रयागराज हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है।

जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की डिवीजन बेंच ने सोमवार को FIR रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक की मांग वाली 22 याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यानी अब किसी भी समय पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकती है। हाईकोर्ट के इस आदेश से सिरप कांड के सभी आरोपियों को जबरदस्त झटका लगा है।
सरकार के वकील अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने बोले
कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट नामक तत्व मिला है, जिसका उपयोग सिर्फ नशे के लिए किया जा रहा था। इसलिए मामला NDPS एक्ट का है, जिसके प्रावधानों का याचियों ने उल्लंघन किया। फर्जी फर्म बनाकर सिर्फ कागज पर ट्रांजैक्शन दिखाए गए। वास्तव में कफ सिरप को चोरी-छिपे नशे के लिए कई राज्यों में भेजा गया।
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शुभम जायसवाल दुबई में बैठा हुआ है और मामले में 68 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं
25 हजार का इनामी शुभम जायसवाल दुबई में छिपा हुआ है। इस अवैध कारोबार के नेटवर्क में शामिल 6 बड़े चेहरे और 68 अन्य गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। 2 दिसंबर को मामले में ED की एंट्री हुई। मनी लॉन्ड्रिंग एंगल पर जांच चल रही है। एजेंसी के निशाने पर 50 आरोपी हैं। एक हफ्ते पहले ED ने लखनऊ, रांची और अहमदाबाद समेत देशभर में सिंडिकेट से जुडे आरोपियों के 25 ठिकानों पर रेड की थी। शुभम जायसवाल की 189 फर्जी फर्मों से मनी लॉन्ड्रिंग होने के पुख्ता सबूत मिले थे।



