संयुक्त राष्ट्र (UN) ने बांग्लादेश हिंसा पर चिंता जताई है। UN चीफ एंटोनियो गुटारेस ने हिंदू युवक दीपू की हत्या पर कहा कि बांग्लादेश हो या कोई और देश, अल्पसंख्यकों का सुरक्षित महसूस करना जरूरी है। उधर, हिंदू युवक की हत्या के खिलाफ भारत में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
मेमनसिंह में हिंदू युवक की हत्या के विरोध में दिल्ली उच्चायोग के सामने लोग विरोध कर रहे हैं। दिल्ली में हिंदू संगठनों का विरोध-प्रदर्शन उग्र हो गया है। बांग्लादेश हाई कमीशन की ओर कार्यकर्ता बढ़ गए और दिल्ली पुलिस का बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। बांग्लादेश हाई कमीशन की सुरक्षा बढ़ाई गई है। साथ ही कोलकाता में भी बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन के सामने बड़ी संख्या में लोगों ने प्रोटेस्ट किया। वहीं, बांग्लादेश ने सोमवार को वीजा सर्विस सस्पेंड कर दी।
विदेश मंत्रालय ने राजनयिक मिशनों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि विदेश सचिव असद आलम सियाम ने भारतीय उच्चायुक्त को बुलाया और उन्हें नई दिल्ली, कोलकाता और अगरतला स्थित बांग्लादेशी उच्चायोग की सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
जानिए हिंसा की शुरुआत से अब तक कब क्या हुआ
वीजा सर्विस सस्पेंड-
बांग्लादेश ने नई दिल्ली के हाई कमीशन समेत त्रिपुरा और सिलीगुड़ी के मिशन की वीजा सर्विस रद्द कर दी। इसके पीछे सिक्योरिटी रीजन्स का हवाला दिया जा रहा है। जवाब में भारत ने बांग्लादेश के एन्वॉय को समन भेजा है। माइनोरिटी और डिप्लोमेटिक मिशन पर हमलों के लिए कड़ी आपत्ति जताई है।
कोलकाता में प्रोटेस्ट-
कोलकाता में बांग्लादेशी हाई कमीशन के सामने बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों ने प्रोटेस्ट किया। प्रदर्शनकारियों ने आगे भी प्रोटेस्ट की चेतावनी दी। ये घटना भारत के लोगों में बांग्लादेश के लिए गुस्सा दिखाती है।
दीपू की लिंचिंग-
हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को फैक्ट्री से निकालना, पीट-पीट मार डालने के बाद भी बीच सड़क पर जलाना। ये घटना बांग्लादेश में कानून की धज्जियां उड़ाने की मिसाल बनी। पुलिस एंड रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) जांच कर रही है।
बेबुनियाद दावे खारिज-
RAB के अधिकारियों ने बताया कि दास ने सोशल मीडिया पर कोई धार्मिक टिप्पणी नहीं की थी। जांच से पता चला कि भीड़ को उकसाने के लिए बेबुनियाद दावा किया गया था। किसी सहकर्मी ने मामूली खुन्नस निकालने के लिए ऐसा दावा किया, ये बात भी सामने आ रही है।
हत्या के बाद एक्शन-
दास की हत्या के मामले में फैक्ट्री सुपरवाइजर्स और को-वर्कर्स समेत करीब 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला कि दीपू को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। फैक्ट्री को कोई नुकसान नहीं हो इसलिए दीपू को भीड़ के हवाले कर दिया गया।
हादी की मौत-
पिछले साल पूर्व PM शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शन का फेस रहे शरीफ ओस्मान हादी की हत्या के चलते बांग्लादेश में हिंसा भड़की। हादी को ढाका में गोली मारी गई और उसका सिंगापुर में इलाज चल रहा था।
जांच की मांग-
ओस्मान हादी की मौत के बाद इंकलाब मंच के बाकी मेम्बर्स ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को चेतावनी दी है। अगर हादी के हत्यारों को जल्द सजा नहीं मिली तो दोबारा विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मीडिया हाउस में आग-
गुस्साई भीड़ ने मीडिया हाउसेस द डेली स्टार और प्रोथोम आलो में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। करीब 25 जर्नलिस्ट बिल्डिंग में फंस गए, इन्हें रेस्क्यू कर बचाया गया। एडिटर्स ने कहा कि प्रेस को चुप कराने के लिए हमले किए गए।



