रिपोर्ट राहुल भदौरिया – रेजीडेंट एडिटर
वॉशिंगटन डीसी | अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित प्रतिष्ठित के दौरान शनिवार शाम गोलीबारी की घटना सामने आई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति , प्रथम महिला और उपराष्ट्रपति समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक और मीडिया जगत के बड़े चेहरे मौजूद थे।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, फायरिंग होटल के बॉलरूम (भव्य सभागार) के बाहर हुई, जहां कार्यक्रम चल रहा था। अंदर मौजूद मेहमानों को अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीदों के अनुसार, 6 से 7 राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी और कई लोग डर के कारण टेबल के नीचे छिप गए। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करते हुए वीआईपी (अति महत्वपूर्ण) मेहमानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटना के लगभग डेढ़ घंटे बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने मीडिया को संबोधित किया और कहा कि यह घटना “अमेरिकी लोकतंत्र पर हमला” है। उन्होंने (संयुक्त राज्य गुप्त सेवा) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। ट्रम्प ने बताया कि एक सुरक्षाकर्मी को गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट (गोलीरोधी जैकेट) के कारण उसकी जान बच गई। पुलिस के मुताबिक, हमलावर को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है और फिलहाल उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। उसके पास से एक शॉटगन (बड़ी बंदूक), एक हैंडगन (पिस्तौल) और कुछ धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में हमलावर की पहचान कैलिफोर्निया निवासी 31 वर्षीय व्यक्ति के रूप में बताई गई है, हालांकि अधिकारियों की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध उसी होटल में ठहरा हुआ था, जहां यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी शुरू कर दी है और उसके बैकग्राउंड (पृष्ठभूमि), संपर्कों और संभावित मकसद की गहन जांच की जा रही है। इस घटना पर भारत के प्रधानमंत्री ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर संदेश जारी करते हुए कहा कि उन्हें राहत है कि राष्ट्रपति ट्रम्प, प्रथम महिला और अन्य सभी नेता सुरक्षित हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि “लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।” अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार, आरोपी पर हिंसक अपराध के दौरान हथियार का इस्तेमाल करने और संघीय अधिकारियों पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उसे जल्द ही संघीय अदालत में पेश किया जाएगा।
फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस घटना के हर पहलू की जांच कर रही हैं, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हमला किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था या एक अकेले व्यक्ति की कार्रवाई। आधिकारिक बयान और विस्तृत जानकारी आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।



