रिपोर्ट : जुहैब अहमद जैबी – कानपुर संवाददाता
कानपुर (उत्तर प्रदेश): कानपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत एक बड़ी और तकनीकी रूप से उन्नत कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। थाना सचेंडी इलाके में चलाए गए इस विशेष अभियान में पुलिस ने ड्रोन की मदद से गांजा तस्करी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 7 महिलाओं और 1 पुरुष समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपी लंबे समय से इलाके में गांजे की पुड़ियां बनाकर अवैध रूप से बेच रहे थे।
एडीसीपी क्राइम सुमित एस रामटेके और आईपीएस सुमेध एम जाधव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, सचेंडी थाना, पनकी थाना और रिजर्व पुलिस बल के 70 से ज्यादा जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया। ऑपरेशन की सफलता की कुंजी ड्रोन तकनीक रही। पुलिस ने संदिग्ध जगहों पर ड्रोन उड़ाकर रीयल-टाइम निगरानी की। जैसे ही ड्रोन ने अवैध गतिविधियों वाली लोकेशन को मार्क किया, पुलिस टीम ने एक साथ धावा बोल दिया। तस्करों को भागने का कोई मौका नहीं मिला और सभी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को 3 किलो से ज्यादा अवैध गांजा और 92 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस इलाके में रोजाना 4 से 5 लाख रुपये तक का गांजा बेचा जा रहा था। यानी ये कोई छोटा-मोटा कारोबार नहीं था, बल्कि एक सुसंगठित तस्करी नेटवर्क था जो युवाओं सहित स्थानीय लोगों को नशे की गिरफ्त में फंसाने का काम कर रहा था।
ड्रोन ने बदला पूरा खेल : ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत पुलिस को लंबे समय से सचेंडी और आसपास के इलाकों में मादक पदार्थों की बिक्री की सूचनाएं मिल रही थीं। लेकिन अपराधी चालाकी से छिपे रहते थे। ड्रोन की मदद से पुलिस ने उनकी लोकेशन को बिल्कुल सटीक तरीके से चिन्हित किया। इस हाईटेक तरीके ने तस्करों की पूरी रणनीति को नाकाम कर दिया।
एडीसीपी क्राइम सुमित एस रामटेके ने इस सफलता पर कहा, “हमें लंबे समय से सचेंडी और आसपास के इलाकों में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री की सूचना मिल रही थी। ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत हमने ड्रोन तकनीक का सहारा लिया ताकि अपराधियों की सटीक लोकेशन मिल सके। इस कार्रवाई में हमने भारी मात्रा में कैश और गांजा बरामद किया है। नशे के इस पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई है और आगे भी इस तरह के ऑपरेशंस जारी रहेंगे।”
नशा मुक्त कानपुर की दिशा में बड़ा कदम : इस कार्रवाई से कानपुर पुलिस की नशा विरोधी मुहिम को नई गति मिली है। पुलिस का मानना है कि महिलाओं को इस नेटवर्क में शामिल करके तस्कर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजर से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता और आधुनिक तकनीक ने उनका खेल बिगाड़ दिया। गिरफ्तार सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से सप्लाई हो रहा था, बड़े सप्लायर कौन हैं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। बरामद किए गए गांजे और नकदी को कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा, स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि नशे की इस लत ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया था। अब पुलिस की सख्त कार्रवाई से इलाके में राहत की सांस फूली है। कानपुर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के सौदागरों के लिए कानपुर में कोई जगह नहीं है। ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत भविष्य में भी ऐसी ही हाईटेक और सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल अपराध पर अंकुश लगाने के लिए और बढ़ाया जाएगा।



