कानपुर दक्षिण में 20 दिनों से जलापूर्ति बाधित, महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा ।
कानपुर। पेयजल संकट को लेकर कानपुर दक्षिण की महिलाओं ने जल निगम के खिलाफ एक अनोखा प्रदर्शन किया। महिलाएं आटे की बोरी, साबुन और वॉशिंग पाउडर लेकर सड़क पर उतरीं और जलकल व जल निगम के खिलाफ़ जोरदार नारेबाजी की। पार्षद शालू सुनील कनौजिया के नेतृत्व में जुही क्षेत्र में हुआ यह प्रदर्शन स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। कानपुर दक्षिण के कई इलाकों में पिछले करीब 20 दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह बाधित है। महिलाओं और गृहिणियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पानी न होने के कारण न तो खाना बन पा रहा है और न ही कपड़े धोए जा रहे हैं। कई परिवारों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है।
पार्षद शालू सुनील कनौजिया का आरोप
पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने प्रदर्शन के दौरान जल निगम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा पाइपलाइन बदलने के नाम पर पिछले 20 दिनों से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे पहले भी लगभग एक महीने तक पानी की समस्या रही। जेएनएनयूआरएम परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए आम जनता को भीषण गर्मी में पेयजल संकट झेलने को मजबूर किया जा रहा है।
महिलाओं की मांग और चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि जब पानी ही नहीं मिल रहा है तो घरेलू काम कैसे होंगे। उन्होंने जल निगम को चुनौती देते हुए कहा कि यदि विभाग पानी उपलब्ध नहीं करा सकता तो अपने कार्यालय में ही खाना बनाने और कपड़े धोने की व्यवस्था कर ले। पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने सख्त चेतावनी दी, यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो कानपुर दक्षिण की महिलाएं जल निगम कार्यालय पहुंचकर वहीं अपने घरेलू कार्य करेंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी, उन्होंने जलकल विभाग और जल निगम के बीच समन्वय की कमी पर भी सवाल उठाए और कहा कि दोनों विभागों के बीच तालमेल न होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
इस अनोखे प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूनम जायसवाल, सुमन जायसवाल, सौम्या वर्मा, शर्मिला गौतम, बबली, मानसी, सविता कनौजिया, सुनीता, शिवकली और क्षेत्र की अन्य महिलाएं व स्थानीय निवासी मौजूद रहे । प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जलापूर्ति को तुरंत सामान्य किया जाए। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
