बिना स्वीकृति बसाई जा रही कॉलोनियों पर प्रशासन की सख्ती, 6 और प्रोजेक्ट जांच के दायरे में
रिपोर्ट : जुहैब अहमद – कानपुर संवाददाता
कानपुर में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति की जा रही प्लाटिंग के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की अवैध जमीन पर चल रहे निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। जोन-3 क्षेत्र में करीब 66 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलने से कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया।
करीब पौने चार घंटे तक चले अभियान में चार जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क, नाली, बाउंड्रीवाल, गेट और अन्य निर्माणाधीन ढांचों को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जबकि अवैध प्लाटिंग से जुड़े लोगों में कार्रवाई को लेकर खौफ दिखाई दिया।
KDA अधिकारियों के अनुसार फत्तेपुर क्षेत्र में मनोज सिंह भदौरिया समेत अन्य लोगों द्वारा बिना ले-आउट स्वीकृति के बड़े स्तर पर कॉलोनी विकसित की जा रही थी। मौके पर सड़क निर्माण, नालियों की खुदाई, बिजली के पोल लगाने और सीवर लाइन डालने जैसे कार्य तेजी से कराए जा रहे थे। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर बाउंड्रीवाल और मुख्य प्रवेश द्वार भी तैयार कर दिए गए थे।
KDA उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने किया। उनके साथ अवर अभियंता अमरनाथ यादव, प्रवर्तन दल और भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति और बिना वैधानिक अनुमति के किसी भी कॉलोनी को विकसित नहीं होने दिया जाएगा। आम लोगों को गुमराह कर प्लॉट बेचने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा।
KDA की जांच में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में छह और नई अवैध प्लाटिंग भी चिन्हित की गई हैं। इनमें बिनगवां, रमईपुर, बिधनू और सेन पश्चिम पारा जैसे इलाके शामिल हैं। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर वहां भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक बिधनू क्षेत्र में सूरज एंड सन्स बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा करीब 36 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में प्लाटिंग विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच KDA द्वारा की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में और बड़े बुलडोजर अभियान देखने को मिल सकते हैं।
विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या जमीन को खरीदने से पहले उसकी वैधता और ले-आउट स्वीकृति की जांच KDA से जरूर कर लें, ताकि भविष्य में आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। कानपुर में लगातार बढ़ रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ KDA की यह कार्रवाई अब एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है कि नियमों को दरकिनार कर कॉलोनी बसाने वालों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।



