कानपुर। शहर के जूही क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से बदहाल पड़ी सड़क को लेकर स्थानीय जनता और व्यापारियों का गुस्सा शनिवार को एक बेहद अनोखे प्रदर्शन के रूप में फूट पड़ा। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच, वार्ड-14 के पूर्व पार्षद सुनील कनौजिया (वर्तमान पार्षद पति) स्थानीय नागरिकों के साथ बीच सड़क पर जमा कीचड़ और गंदे पानी में लोट गए। प्रशासन को जगाने के लिए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही दूध और फूल चढ़ाकर प्रतीकात्मक मनौती भी मांगी। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
2 साल से नरक बनी है सड़क, व्यापार हुआ ठप : श्याम पैलेस के पास आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व पार्षद सुनील कनौजिया ने मेट्रो प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा: “जूही हमीरपुर रोड पर मेट्रो निर्माण कार्य के लिए दो साल पहले सड़क खोदी गई थी। काम खत्म होने के बाद भी इसका पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। आज स्थिति यह है कि हल्की बारिश में भी यह पूरी सड़क दलदल बन जाती है। आए दिन हादसे हो रहे हैं और स्थानीय दुकानदारों का धंधा पूरी तरह चौपट हो चुका है।”
नक्शों में हेरफेर का आरोप, जांच की मांग : प्रदर्शन के दौरान सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर में लापरवाही का मुद्दा भी उठा। पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया कि मेट्रो परियोजना के तहत सीवर और पेयजल लाइनों के डायवर्जन (Diversion) में भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने जलकल विभाग से मांग की है कि: कानपुर सेंट्रल स्टेशन से बारादेवी चौराहे तक जितने भी काम हुए हैं, उनकी जांच हो। इन कार्यों का मिलान विभाग के पुराने नक्शों से कराया जाए ताकि सच सामने आ सके।
48 घंटे का अल्टीमेटम: ‘घी-गुड़’ से होगा अगला विरोध : क्षेत्रीय जनता और व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए पूर्व पार्षद ने मेट्रो प्रशासन को 48 घंटे की समयसीमा (Deadline) दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर सड़क निर्माण का काम धरातल पर शुरू नहीं हुआ, तो क्षेत्रीय जनता मेट्रो कार्यालय का घेराव करेगी और वहां ‘घी-गुड़’ से प्रतीकात्मक पूजा-अर्चना कर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
फिलहाल, इस ‘कीचड़ सत्याग्रह’ के बाद अब गेंद मेट्रो प्रशासन के पाले में है। देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या एक्शन लेते हैं।
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