कानपुर। नरवल तहसील में धारा 80 से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिछले सप्ताह कथित फर्जीवाड़े के एक मामले में तहसील के एक पेशकार पर कार्रवाई होने के बाद अब एक और शिकायत सामने आई है। शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे पीड़ित देवेंद्र कुमार ने अपने पिता की जमीन पर फर्जी तरीके से धारा 80 किए जाने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई।
शिकायतकर्ता का देवेंद्र कुमार का आरोप है कि नरवल तहसील क्षेत्र के ग्राम नगवा स्थित आराजी संख्या 0562 में नियमों को दरकिनार कर धारा 80 की कार्रवाई कर दी गई। इतना ही नहीं, आवेदन प्रस्तुत किए जाने से पहले ही संबंधित अभिलेखों पर आख्या रिपोर्ट लगाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं, जिससे भूमि संबंधी रिकॉर्ड प्रभावित हुए हैं। इस मामले में पूर्व क्षेत्रीय लेखपाल मोहित सचान पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए बदलाव किए गए। उल्लेखनीय है कि संबंधित लेखपाल मोहित सचान को पूर्व में भी जिलाधिकारी द्वारा निलंबित किया जा चुका है, जिसके चलते यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।
संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत पहुंचने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने शिकायत की जांच अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भी नरवल तहसील में धारा 80 से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था, जिसमें जांच के बाद एक पेशकार के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के साथ साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नरवल तहसील में एक के बाद एक सामने आ रहे धारा 80 विवाद अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे में सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं ।




