रिपोर्ट : जुहैब अहमद जैबी
उत्तर प्रदेश में पुलिस की कार्यशैली और ढुलमुल रवैये से आहत होकर अब लोगों को अपने परिजनों की शव यात्रा में भी पोस्टर-बैनर लेकर न्याय की गुहार लगानी पड़ रही है। ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला कानपुर के बाबूपुरवा स्थित बगाही इलाके में देखने को मिला, जहां एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने उसकी अंतिम शव यात्रा को न्याय की मांग के आंदोलन में बदल दिया।
कानपुर के बगाही की रहने वाली 23 वर्षीय मानसी की शादी करीब डेढ़ साल पहले लखनऊ निवासी सागर से हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले लगातार दहेज की मांग को लेकर मानसी के साथ मारपीट और उत्पीड़न कर रहे थे। कई बार सामाजिक समझौते होने के बावजूद ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला और बीती 30 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मानसी की मौत हो गई।
मृतका का पति सागर सोशल मीडिया की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है। वह “Sagar KDS” नाम से यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर सक्रिय है। उसके यूट्यूब चैनल पर करीब 2 लाख 37 हजार सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 7 लाख 93 हजार फॉलोअर्स हैं। परिजनों का आरोप है कि लखनऊ पुलिस ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि मानसी ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन जब मायके वाले कानपुर से लखनऊ पहुंचे तो उनके पहुंचने से पहले ही पुलिस शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी। इस जल्दबाजी पर परिजनों ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया।
जब मानसी का शव कानपुर लाया गया तो मृतका के चाचा अविनाश राजपूत समेत अन्य परिजनों ने दावा किया कि मानसी के शरीर और पैरों पर चाकू जैसे गंभीर घावों के निशान थे। उनका कहना है कि जिस स्थिति में शव फंदे पर मिला, उसमें दोनों घुटने बेड को छू रहे थे, जिससे आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल खड़े होते हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सागर का किसी अन्य युवती से प्रेम संबंध था और उसका घर पर आना-जाना था। मानसी इस रिश्ते का विरोध करती थी, जिसके चलते उसे रास्ते से हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई से नाराज परिजनों ने बाबूपुरवा थाने के सामने शव रखकर जाम लगा दिया और जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बगाही से निकली मानसी की अंतिम शव यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की गई। मानसी अपने पीछे छह महीने के मासूम बेटे को छोड़ गई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। शव यात्रा में हुआ यह अनोखा प्रदर्शन इस बात को बयां करता है कि पीड़ित परिवार का पुलिस व्यवस्था से भरोसा इस कदर उठ चुका है कि उन्हें न्याय की मांग के लिए अंतिम विदाई के समय भी पोस्टर-बैनरों का सहारा लेना पड़ा।



