राजनांदगांव कलेक्टर बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा |प्रशासनिक मीटिंग
**राजनांदगांव।** जिले में चल रहे सड़क, पुल-पुलिया और सरकारी भवनों के निर्माण कार्यों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले में चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय-सीमा में और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
अधोसंरचना विकास को बताया जिले की प्राथमिकता
बैठक में कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि किसी भी जिले के विकास में अच्छी सड़कें, मजबूत पुल-पुलिया और बेहतर सरकारी भवनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि सड़क संपर्क बेहतर होगा तो लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और गांवों तथा शहरों का विकास भी तेजी से होगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसलिए सभी निर्माण एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।
सड़क निर्माण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने बैठक में मौजूद ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सड़क निर्माण कार्य में किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही पाई गई तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाए। जहां सड़क निर्माण चल रहा है, वहां आवश्यक रूप से बैरिकेड्स लगाए जाएं ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और यदि कहीं भी गुणवत्ता में कमी दिखाई दे तो तुरंत कार्रवाई की जाए। कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की हुई समीक्षा बैठक में जिले की कई बड़ी सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से इन कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

जिन प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई, उनमें शामिल हैं
* राजनांदगांव-कवर्धा-पोण्डी मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण
* गोपालपुर से गिधवा मार्ग का डामरीकरण
* पुल-पुलिया निर्माण कार्य
कलेक्टर ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश
बैठक के दौरान कई निर्माण एजेंसियों ने बताया कि कुछ परियोजनाओं में बिजली के पोल शिफ्टिंग, पाइपलाइन और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण देरी हो रही है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जाए, जिससे विकास कार्य समय पर पूरे हों।
सरकारी भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा
सिर्फ सड़क और पुल-पुलिया ही नहीं, बल्कि जिले में चल रहे विभिन्न सरकारी भवनों के निर्माण कार्यों की भी बैठक में समीक्षा की गई।कलेक्टर ने विभिन्न कार्यालय भवनों, आवासीय परिसरों और हाई स्कूल भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया जाता है, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पुल-पुलिया निर्माण पर भी दिया जोर
लोक निर्माण विभाग सेतु के अंतर्गत बन रहे उच्च स्तरीय पुल और नए पुलों के निर्माण कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कई गांव और क्षेत्र ऐसे हैं जहां पुल बनने से लोगों की यात्रा आसान होगी। इसलिए इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नवागांव से मासूलजोब, करमरी से ग्वालीनडीह सहित कई ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही नवीनीकरण कार्यों के अंतर्गत गठुला से तुमड़ीलेवा, मुड़ीपार से मनगटा और पटेवा से बिजेतला जैसी सड़कों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी सड़कें बनने से किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
बीटी, सीसी रोड और रिटेनिंग वॉल के कार्यों की समीक्षा
बैठक के दौरान बीटी सड़क निर्माण, सीसी रोड और रिटेनिंग वॉल के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों की शुरुआत हो चुकी है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। सभी प्रगतिरत कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी होने से जनता को परेशानी होती है, इसलिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से काम करें।
नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों पर विशेष ध्यान
बैठक में नगरीय क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, आदिवासी विकास विभाग तथा डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुरिया और विभिन्न नगरीय पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने कहा कि शहर हो या गांव, हर क्षेत्र में विकास कार्य समान रूप से होने चाहिए। लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने सभी अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें और गुणवत्ता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाले विकास कार्य मजबूत और टिकाऊ होने चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, डिप्टी कलेक्टर अनिकेत साहू, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग एसके चौरसिया, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा पद्मसंभव मिश्रा, एसडीओ सेतु फारूखी, डोंगरगांव एसडीओ बीके अखंड, डोंगरगढ़ एसडीओ केके सिंह, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री दीक्षा गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
राजनांदगांव में विकास कार्यों को गति देने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने साफ कर दिया है कि सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि सभी निर्माण एजेंसियां और संबंधित विभाग जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं, तो आने वाले समय में जिले की अधोसंरचना और मजबूत होगी तथा आम लोगों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा।




