आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच में 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 19वें ओवर में 111 रनों पर सिमट गई। इस हार के बाद टीम की बल्लेबाजी रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एक पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन” की थ्योरी सिर्फ कागज़ों पर अच्छी लगती है, मैदान पर रन बनाना ज्यादा जरूरी होता है। उनका इशारा बल्लेबाजी क्रम में लगातार बदलाव और अस्थिरता की ओर था। कप्तान सूर्यकुमार यादव की रणनीति भी आलोचना के घेरे में आ गई है।
इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टॉप ऑर्डर सस्ते में पवेलियन लौट गया और मिडिल ऑर्डर भी टिक नहीं पाया। ऐसे मुश्किल वक्त में शिवम दुबे ने 42 रनों की जुझारू पारी खेलकर टीम को 100 के पार पहुंचाया। हालांकि यह प्रयास हार का अंतर कम करने के लिए काफी नहीं था।
गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने असरदार प्रदर्शन किया, लेकिन बाकी गेंदबाज दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके।
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सुपर-8 की इस हार ने साफ कर दिया है कि सिर्फ रणनीतिक प्रयोगों से मैच नहीं जीते जाते। अब टीम इंडिया के सामने चुनौती है कि वह अपनी बल्लेबाजी संयोजन और नेतृत्व रणनीति पर दोबारा विचार करे, ताकि टूर्नामेंट में वापसी की उम्मीद जिंदा रह सके।



