बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने गरीबी और रिश्तों के बीच भरोसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नगीना थाना क्षेत्र के नैनपुर गांव की रहने वाली एक महिला ने अपने रिश्तेदार पर नवजात बच्चे को बेचने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला अपने पति के साथ बिजनौर एसपी कार्यालय पहुंची और बच्चे को बरामद कराने के साथ इंसाफ की गुहार लगाई।
बिजनौर में नवजात को बेचने का आरोप : आर्थिक तंगी के चलते रिश्तेदार को दिया था बच्चा
जानकारी के मुताबिक, नैनपुर गांव निवासी शबनम के घर में पहले से ही बच्चों की जिम्मेदारी थी। शबनम के कुल छह बच्चे बताए जा रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण बच्चों की परवरिश करना दंपति के लिए मुश्किल हो रहा था।
इसी बीच शबनम के जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ। परिवार ने आर्थिक परेशानियों को देखते हुए जुड़वा बच्चों में से एक नवजात को अपने रिश्तेदार को पालन-पोषण के लिए दे दिया। परिजनों को उम्मीद थी कि रिश्तेदार बच्चे की अच्छी तरह देखभाल करेगा और उसे बेहतर तरीके से पाल सकेगा।
लेकिन कुछ समय बाद जब शबनम और उसका पति रिश्तेदार के घर बच्चे से मिलने पहुंचे तो वहां नवजात मौजूद नहीं था। महिला के मुताबिक, जब उन्होंने बच्चे के बारे में पूछा तो रिश्तेदार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
बच्चे को बेचने का आरोप
पीड़ित मां का आरोप है कि रिश्तेदार ने नवजात को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया है। हालांकि, इस आरोप की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। महिला का कहना है कि उसने गरीबी और मजबूरी के कारण अपने बच्चे को रिश्तेदार को पालन-पोषण के लिए सौंपा था, लेकिन उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ ऐसा कुछ हो सकता है।
बच्चे के अचानक गायब होने के बाद शबनम और उसके पति की चिंता बढ़ गई। अपने बच्चे की जानकारी हासिल करने और उसे वापस पाने के लिए दोनों ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
एसपी कार्यालय पहुंचकर मांगी मदद
अपने नवजात बच्चे को वापस पाने की उम्मीद में पीड़ित दंपति बिजनौर एसपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी और बच्चे को जल्द से जल्द बरामद कराने की मांग की।
पीड़िता शबनम ने पुलिस के सामने अपनी परेशानी रखते हुए कहा कि वह अपने बच्चे को वापस चाहती है। महिला का कहना है कि उसने मजबूरी में बच्चे को रिश्तेदार को दिया था, लेकिन अब उसका बच्चा उसके पास नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। एसपी के. बिश्नोई ने महिला को मामले में कार्रवाई और बच्चे की तलाश का आश्वासन दिया है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवजात बच्चा फिलहाल कहां है और उसे रिश्तेदार के पास से किसी अन्य व्यक्ति को दिया गया या नहीं। साथ ही पुलिस आरोपों की भी जांच करेगी और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है।
फिलहाल बच्चे की बरामदगी इस मामले का सबसे अहम पहलू है। परिवार को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही नवजात को खोजकर उसके माता-पिता तक पहुंचाएगी।
यह मामला सिर्फ एक परिवार की परेशानी तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक मजबूरी में बच्चों की परवरिश से जुड़े जोखिमों को भी सामने लाता है। बच्चे को किसी रिश्तेदार के भरोसे सौंपने के बाद उसके साथ क्या हुआ, यह जांच के बाद ही साफ होगा। फिलहाल शबनम अपने बच्चे को वापस पाने के लिए पुलिस से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठी है।



