रायपुर। छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन के राजनांदगांव जिला अध्यक्ष तामेश्वर देवांगन ने ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मेघनाथ यादव के मार्गदर्शन में हुई इस मुलाकात के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी PHC की स्थिति को लेकर ज्ञापन सौंपा।
तामेश्वर देवांगन ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने गांवों में रहने वाले लोगों को इलाज और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं हासिल करने में आने वाली परेशानियों को रखा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र मौजूद होने के बावजूद कई जगह जरूरी सुविधाओं और दवाइयों की उपलब्धता को लेकर समस्या बनी हुई है। इसका सीधा असर मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ता है।
PHC में जन औषधि केंद्र की मांग
संगठन की ओर से ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जन औषधि केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। देवांगन के मुताबिक, कई PHC में जरूरी दवाइयां आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों को निजी मेडिकल दुकानों का रुख करना पड़ता है।
ग्रामीण परिवारों के लिए बार-बार बाहर से दवा खरीदना आर्थिक रूप से मुश्किल हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता और सस्ती दवाओं की सुविधा लोगों के लिए राहत का काम कर सकती है।

गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए दूर जाना पड़ता है
मुलाकात के दौरान गर्भवती महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। देवांगन ने बताया कि कई ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में सोनोग्राफी और एक्स-रे जैसी शुरुआती जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को बड़े अस्पतालों या शहरों का रुख करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। खराब सड़कों, बारिश और परिवहन की परेशानी के बीच गर्भवती महिलाओं को कई बार 30 से 40 किलोमीटर तक सफर करना पड़ता है। संगठन का कहना है कि ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में जांच सुविधाएं बढ़ने से मरीजों को समय और पैसे दोनों की बचत हो सकती है।
सांप-बिच्छू और कुत्ते के काटने के मामलों पर चिंता
बरसात के मौसम में सांप और बिच्छू के काटने के मामले सामने आने के साथ ही कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर भी संगठन ने चिंता जताई। तामेश्वर देवांगन ने ग्रामीण PHC में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने की मांग की।
उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं में समय पर उपचार बेहद जरूरी होता है। अगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जरूरी वैक्सीन या एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं होता, तो मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने में समय लग सकता है। इसलिए ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में इन जरूरी चिकित्सा सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने की मांग की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े इन मुद्दों को विस्तार से रखा। संगठन के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान संगठन के जिला पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद तामेश्वर देवांगन ने कहा कि संगठन आगे भी ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को सरकार के सामने उठाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन केवल स्वास्थ्य के मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव से लेकर शहर तक स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और नशा रोकथाम जैसे विषयों पर लगातार काम करेगा और संबंधित समस्याओं से सरकार को अवगत कराएगा।
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना हमेशा एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आम लोगों के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था की पहली कड़ी होते हैं। यहां दवाइयां, जरूरी वैक्सीन और जांच की सुविधाएं उपलब्ध रहने से लोगों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
खासकर बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सांप के काटने और अन्य आपात स्थितियों के मामले सामने आते हैं। ऐसे समय में PHC में जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता लोगों के लिए काफी अहम हो जाती है।
छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन की ओर से उठाई गई मांगों में ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं का विस्तार और आपातकालीन उपचार के लिए जरूरी वैक्सीन व दवाओं का पर्याप्त स्टॉक शामिल है। अब इन मांगों पर विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर ग्रामीण क्षेत्रों की नजर रहेगी।



