रिपोर्ट : जुहैब अहमद जैबी – कानपुर संवाददाता
■ पहलगाम की बरसी पर परिवार के दुख और गर्व को साथ लेकर कानपुर 22 अप्रैल को शहीद शुभम द्विवेदी समेत सभी शहीदों को देगा श्रद्धांजलि
कानपुर शहर 22 अप्रैल 2026 को एक गहरे भावुक पल की तैयारी कर रहा है। ठीक एक साल पहले 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (बैसरन घाटी) में हुए बर्बर आतंकी हमले में शहीद हुए कानपुर के शुभम द्विवेदी समेत 26 निर्दोष पर्यटकों की स्मृति में यहां एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शुभम द्विवेदी के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को याद किया जाएगा। साथ ही पूरे हमले में शहीद हुए सभी 26 लोगों और सुरक्षा बलों के उन नायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया जाएगा जिन्होंने बाद में “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सफल कार्रवाई की।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन मीडो में पर्यटक शांति से घूम रहे थे। शुभम द्विवेदी, जो मात्र 31 वर्ष के थे और हाल ही में 12 फरवरी 2025 को अपनी पत्नी ऐशान्यां से शादी कर हनीमून मना रहे थे, अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वहां मौजूद थे। अचानक तीन आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों ने लोगों से उनके धर्म के बारे में पूछा। शुभम द्विवेदी ने बिना डरे जवाब दिया “हम हिंदू हैं”। इसके तुरंत बाद आतंकियों ने उन्हें सिर में गोली मार दी। शुभम मौके पर ही शहीद हो गए। उनकी पत्नी ऐशान्यां अपनी आंखों के सामने यह दृश्य देखकर सदमे में चली गईं। इस हमले में कुल 26 लोग मारे गए, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। कई लोग घायल भी हुए। यह हमला पूरे देश को झकझोर गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की निंदा करते हुए कहा था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके जवाब में भारत सरकार ने मई 2025 में “ऑपरेशन सिंदूर” लॉन्च किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। इस ऑपरेशन को शुभम की पत्नी ऐशान्यां ने भी अपने पति को सच्ची श्रद्धांजलि बताया था।
शहीद शुभम द्विवेदी के प्रथम बलिदान दिवस पर आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा लाजपत भवन, मोतीझील, कानपुर में शाम 4 बजे से शुरू होगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथियों में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक शामिल होंगे। शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्यां द्विवेदी और पिता संजय द्विवेदी ने कानपुरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शहीद की स्मृति को नमन करें और कार्यक्रम को यादगार बनाएं। उन्होंने कहा कि यह सभा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्र की एकजुटता का प्रतीक होगी।
ऐशान्यां द्विवेदी (पत्नी) ने कहा, “शुभम ने बिना डरे हिंदू होने का परिचय दिया। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। आज पूरा देश उनके साहस को याद कर रहा है। मैं चाहती हूं कि हर युवा उनके जैसे साहसी बने। शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने भावुक होते हुए कहा, “बेटा देश के लिए शहीद हुआ। हम परिवार के रूप में दुखी हैं, लेकिन गर्व भी करते हैं। कानपुर के लोगों से अनुरोध है कि वे 22 अप्रैल को लाजपत भवन पहुंचकर शुभम और अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि दें।”
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