रिपोर्ट : राहुल भदौरिया – रेजीडेंट एडिटर
मथुरा। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और उनकी पत्नी, फिल्म अभिनेत्री अनुष्का शर्मा सोमवार को वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाकर दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों ने संत के सत्संग में भाग लिया और करीब ढाई घंटे तक आध्यात्मिक प्रवचन सुने। बताया जा रहा है कि संत प्रेमानंद महाराज से उनकी यह छठी मुलाकात थी।
आईपीएल 2026 के व्यस्त कार्यक्रम के बीच समय निकालकर दोनों रविवार देर शाम वृंदावन पहुंचे थे और एक होटल में ठहरे थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे वे केलीकुंज स्थित आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के आम श्रद्धालुओं की तरह जमीन पर बैठकर सत्संग सुना। इस दौरान उनका सादगी भरा अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
सत्संग में संत प्रेमानंद महाराज ने निर्मल मन, भक्ति और वैराग्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शुद्ध और निष्कपट मन ही ईश्वर प्राप्ति का वास्तविक मार्ग है। जब मन से छल, कपट और अहंकार समाप्त हो जाते हैं, तब उसी मन में भगवान का वास होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सत्संग, साधु-संगति और योग के माध्यम से मन को धीरे-धीरे निर्मल बनाया जा सकता है।
सत्संग के दौरान अन्य श्रद्धालुओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी विराट और अनुष्का ने ध्यानपूर्वक सुने। संत ने बताया कि जब मन विषय-विलास से दूर होने लगे, भीड़-भाड़ और मान-सम्मान आकर्षित न करें, तो यह मन के शुद्ध होने का संकेत है। ऐसी अवस्था में व्यक्ति ईश्वर की भक्ति में लीन हो जाता है और सांसारिक मोह-माया से दूरी बनाने लगता है।
आश्रम में समय बिताने के बाद दोनों ने संत प्रेमानंद महाराज के गुरु संत हित गौरांगी शरण महाराज के वराह घाट स्थित आश्रम में भी दर्शन किए। इसके बाद वे होटल लौटे और करीब 11 बजे वृंदावन से रवाना हो गए। ऐसे में विराट कोहली के वृंदावन आगमन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक आश्रम के बाहर जुट गए। लोग अपने पसंदीदा क्रिकेटर और अभिनेत्री की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। यह आध्यात्मिक यात्रा न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन का हिस्सा रही, बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी एक खास पल बन गई।



