रिपोर्ट : जुहैब अहमद ( जैबी )
कानपुर। अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के बड़े रैकेट में पुलिस को एक और सफलता मिली है। रावतपुर पुलिस ने शातिर अपराधी परवेज सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। परवेज सैफी किडनी कांड के मुख्य आरोपी डॉक्टर अफजल का ड्राइवर और करीबी सहयोगी बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके पास से 9 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
यह गिरफ्तारी उस वायरल वीडियो के बाद हुई है, जिसमें डॉक्टर अफजल और परवेज सैफी कल्याणपुर के एक होटल में नोटों की गड्डियों पर लेटे और खेलते हुए दिख रहे थे। वीडियो पारुल के किडनी ऑपरेशन के बाद मिली रकम से बनाया गया था। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल इस वीडियो ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी। वीडियो में दोनों आरोपियों के नोटों से सजे बिस्तर पर बैठकर फ्लॉन्ट करते नजर आने से पुलिस की जांच तेज हो गई।
परवेज सैफी मेरठ का रहने वाला है और वह आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामलों में पहले से वांछित था। उसके खिलाफ डकैती, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, परवेज इस रैकेट में लॉजिस्टिक्स का काम संभालता था। वह डॉक्टर अफजल समेत अन्य आरोपियों को कानपुर लाने-ले जाने, डोनर और रिसीवर को व्यवस्थित करने और अवैध ट्रांसप्लांट की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाता था।
कानपुर पुलिस ने 31 मार्च को अहूजा अस्पताल समेत कई जगहों पर छापेमारी कर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया था। शुरुआत में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान डॉक्टर अफजल, परवेज सैफी और अन्य फरार आरोपियों के नाम सामने आए। अब परवेज की गिरफ्तारी से पुलिस को इस सिंडिकेट के अंदरूनी राज खुलने की उम्मीद है। पूछताछ में परवेज से डॉक्टर अफजल और अन्य फरार आरोपियों के ठिकानों की जानकारी मिलने की संभावना है।
यह कांड तब सामने आया जब एक डोनर को पूरा पैसा न मिलने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि गरीब युवकों को 6 लाख रुपये का लालच देकर उनकी किडनी निकाली जाती थी और अमीर मरीजों से 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक वसूले जाते थे। इस गैंग ने मेरठ, बिहार, पंजाब समेत कई राज्यों के लोगों को शिकार बनाया।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि परवेज सैफी से कड़ी पूछताछ जारी है। उसके बयानों के आधार पर और छापेमारियां की जाएंगी। इस रैकेट में शामिल अन्य फरार डॉक्टरों और सहयोगियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।
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