कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) में भ्रष्टाचार को लेकर फिर सवाल उठे हैं। वर्ष 2024 में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया सहायक लिपिक नीरज मेहरोत्रा अब नए KDA वीसी के स्वागत कार्यक्रम में उनके ठीक बगल में खड़ा नजर आया। वायरल तस्वीरों के बाद विभागीय कार्रवाई और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। नीरज मेहरोत्रा को ईडब्ल्यूएस कॉलोनी की रजिस्ट्री के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ा गया था। अब डेढ़ साल बाद उसी कर्मचारी की वीसी कार्यालय में मौजूदगी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल KDA प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) में भ्रष्टाचार पर सवाल एक बार फिर खड़े हो गए हैं। वर्ष 2024 में विजिलेंस टीम द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया सहायक लिपिक नीरज मेहरोत्रा अब फिर चर्चा में है। वजह नए KDA वीसी के स्वागत कार्यक्रम की तस्वीरों में वही आरोपी अधिकारी के केबिन के अंदर मौजूद दिखाई दिया, इतना ही नही वो घूसखोरी अधिकारी नए KDA VC के जस्ट बगल में खड़ा नज़र आ रहा है ।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को नए वीसी के स्वागत के दौरान केडीए कार्यालय में कर्मचारियों और यूनियन पदाधिकारियों का जमावड़ा लगा था। इसी दौरान सामने आई तस्वीरों में विजिलेंस टीम द्वारा 10 हज़ार की रिश्वतखोरी के मामले में पकड़ा गया नीरज मेहरोत्रा भी स्वागत करने वालों की कतार में खड़ा नजर आया। तस्वीर सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, सितंबर 2024 में विजिलेंस टीम ने केडीए के विश्व बैंक सेल में तैनात सहायक लिपिक नीरज मेहरोत्रा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह ईडब्ल्यूएस कॉलोनी की रजिस्ट्री कराने के नाम पर अधिवक्ता दीपेंद्र कुमार शुक्ल से रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को केडीए कार्यालय से ही पकड़ लिया था। विजिलेंस की कार्रवाई उस समय काफी चर्चा में रही थी। बताया गया था कि आरोपी के पास से रिश्वत की रकम के अलावा हजारों रुपये नकद भी बरामद हुए थे। मामले में एफआईआर दर्ज होने के साथ विभागीय कार्रवाई की बात भी कही गई थी।
अब करीब डेढ़ साल बाद उसी रिश्वतखोर कर्मचारी के नए वीसी के स्वागत कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका में नजर आने से कई सवाल उठ रहे हैं। चर्चा यह भी है कि जिस कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिसे विजिलेंस टीम घसीटते हुए इसी ऑफिस से गिरफ्तार करके ले गयी थी वह आखिर किस हैसियत से वीसी कार्यालय के अंदर मौजूद था।
सूत्रों के मुताबिक, फोटो वायरल होने के बाद विभाग के अंदर भी कानाफूसी शुरू हो गई है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या भ्रष्टाचार के आरोपों में पकड़े गए कर्मचारियों पर कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती है? फिलहाल KDA VC ने अभी नई नई जिम्मेदारी संभाली है, लाज़मी है उन्हें मामले की जानकारी न हो, लेकिन सवाल उठता है कि बाकी KDA के अधिकारियों की आंखे क्यों मुंदी हुई है, उन्हें मामले की जानकारी होते हुए भी VC के केबिन तक इंट्री कैसे मिली ये सभी सवाल है, जिनके जवाब अबतक खामोश है, फ़िलहाल इस पूरे मामले पर KDA प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन तस्वीरें साफ गवाही दे रही है कि घूसखोर कर्मचारी नए वीसी सहाब से सेटिंग बैठाने की जुगत में लगे हैं ।



