रिपोर्ट @ जुहैब अहमद जैबी – संवाददाता कानपुर
कानपुर। साइबर अपराध की दुनिया में ठग रोज नया और बेहद खतरनाक तरीका अपनाते जा रहे हैं। इस बार उन्होंने एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी को निशाना बनाकर बेहद संवेदनशील और घृणित तरीके का इस्तेमाल किया। ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बताते हुए ईमेल और फोन कॉल के जरिए चाइल्ड पोर्न देखने का गंभीर आरोप लगाया और सजा तथा जुर्माने की धमकी दी। यह घटना कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के अहिरवां इलाके की है, जहां पीड़ित ने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ित विनय प्रकाश लेखा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अपनी शिकायत में उन्होंने पुलिस को बताया कि पिछले महीने उन्हें एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में स्पष्ट रूप से लिखा था कि वह चाइल्ड पोर्न देखते हैं और इस अपराध के लिए उन्हें कानूनी कार्रवाई, सजा और भारी जुर्माना हो सकता है। ईमेल पढ़कर विनय प्रकाश बुरी तरह सदमे में आ गए और मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए।
जब उन्होंने इस ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया, तो ठगों ने अगला कदम उठाया। उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। नंबर नया देखकर उन्होंने फोन उठाया तो दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बताया और धमकी भरे लहजे में कहा, “तुम चाइल्ड पोर्न देखते हो, तुम्हारे खिलाफ नोटिस जारी करके कार्रवाई करूंगा। तुम्हें सजा मिलेगी।” इस कॉल से विनय प्रकाश और भी ज्यादा घबरा गए।
पीड़ित ने पुलिस को साफ बताया कि ठगों ने उनसे किसी भी प्रकार के पैसे की मांग नहीं की थी। ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी पहले उन्हें डराकर मानसिक रूप से कमजोर करना चाहते थे, ताकि बाद में आसानी से धोखाधड़ी या वसूली की जा सके। परिवार के सदस्यों से चर्चा करने के बाद विनय प्रकाश ने 16 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसके बाद मामले को साइबर थाने में भेजा गया, जहां संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साइबर थाना प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि शिकायत मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब पुलिस टीम ईमेल आईडी, कॉल डिटेल्स, नंबर ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास कर रही है।
यह मामला साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए खतरनाक ट्रेंड को उजागर करता है। ठग अक्सर बुजुर्गों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और कम तकनीकी ज्ञान वाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। वे पुलिस, CBI, बैंक या सरकारी विभाग का नाम लेकर डराते हैं। कभी बैंक अकाउंट फ्रीज होने की धमकी देते हैं, तो कभी चाइल्ड पोर्न, साइबर क्राइम या अन्य गंभीर आरोप लगाकर पीड़ित को इतना आतंकित कर देते हैं कि लोग बिना सोचे-समझे उनके कहे अनुसार काम करने लगते हैं।
पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि नागरिकों को ऐसे किसी भी अज्ञात ईमेल या कॉल पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। अगर ऐसी कोई धमकी भरी बात आए तो सबसे पहले बिना किसी प्रतिक्रिया दिए साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें या निकटतम साइबर थाने में रिपोर्ट करें। किसी भी हालत में पैसे ट्रांसफर न करें, न ही व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।



