रिपोर्ट : जुहैब अहमद जैबी – कानपुर
कानपुर: मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर कानपुर पुलिस ने एक बड़े ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवाओं को स्पोर्ट्स कोटे के जरिए आर्मी में भर्ती कराने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवम यादव उर्फ कुणाल सिंह यादव के रूप में हुई है, जो गोरखपुर जिले के पिपरही गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से सेना की वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, कैंटीन कार्ड और कई जाली दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार मिलिट्री इंटेलिजेंस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति खुद को सेना का नायब सूबेदार बताकर युवाओं से ठगी कर रहा है। जांच में जब उसकी सच्चाई सामने आई तो कानपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर आरोपी को चकेरी क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया गया, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले स्टेट लेवल का रेसलर रह चुका है और सेना में भर्ती न हो पाने के बाद उसने ठगी का रास्ता अपनाया। वह युवाओं को पहले फर्जी स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर 10 से 20 हजार रुपये लेता था, इसके बाद नौकरी दिलाने के नाम पर 6 से 10 लाख रुपये तक वसूलता था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने कानपुर और गोरखपुर में फर्जी ऑफिस बना रखा था और अब तक सैकड़ों युवाओं को ठगी का शिकार बना चुका है, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने अपनी फर्जी पहचान को मजबूत बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया। उसके मोबाइल से ऐसी कई तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिनमें वह सेना की वर्दी और हथियारों के साथ नजर आ रहा है। पुलिस के मुताबिक ये सभी तस्वीरें AI टूल्स की मदद से तैयार की गई थीं। इतना ही नहीं, आरोपी फर्जी आईडी कार्ड के सहारे कानपुर छावनी क्षेत्र में भी आसानी से प्रवेश कर जाता था, जिससे लोगों को उस पर शक नहीं होता था, फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है और कितने युवाओं से ठगी की गई है।




