कानपुर : मॉनसून के आगमन से पहले कानपुर से प्रयागराज तक राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। बारिश के दौरान हाईवे पर होने वाले जलभराव, ट्रैफिक जाम और सड़क टूटने की समस्या से निपटने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। NHAI के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद ‘वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट’ और ‘त्रिवेणी संगम हाईवे प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा राजमार्ग पर एक विशेष सुरक्षा एवं सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मॉनसून के दौरान भी यातायात को पूरी तरह सुचारु और सुरक्षित बनाए रखना है।
युद्धस्तर पर हो रही है ड्रेनेज सिस्टम की सफाई
हाईवे प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के मौसम में सड़कों के खराब होने और जलभराव का सबसे बड़ा कारण ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी) का ब्लॉक होना होता है। इसे ध्यान में रखते हुए हाईवे के दोनों किनारों पर बने बड़े नालों, पुलिया और पानी निकासी के रास्तों की मशीनों और सफाई कर्मियों के जरिए बड़े पैमाने पर सफाई कराई जा रही है।
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि नालों को पहले से ही पूरी तरह कार्यशील (Functional) बनाया जा रहा है, ताकि भारी बारिश होने पर भी पानी सड़क की सतह पर जमा न हो और वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और पैचवर्क का काम तेज
जल निकासी के साथ-साथ सड़क की गुणवत्ता को सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तकनीकी टीमों ने कानपुर से प्रयागराज रूट पर ऐसे स्थानों (Black Spots) को चिह्नित किया है, जहां गड्ढे या सड़क क्षतिग्रस्त थी। इन जगहों पर तेजी से पैचवर्क और रीसर्फेसिंग (सड़क की नई परत बिछाने) का कार्य किया जा रहा है। तकनीकी टीमों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि सड़क की सतह को पूरी तरह समतल और मजबूत किया जाए, ताकि तेज रफ्तार वाहनों के फिसलने या असंतुलित होने का खतरा न रहे।
इमरजेंसी के लिए मशीनरी और टीमें ‘अलर्ट मोड’ पर
NHAI अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मॉनसून के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति (जैसे पेड़ गिरना, अचानक बड़ा गड्ढा होना या जलभराव) से निपटने के लिए एक पुख्ता बैकअप प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत: तकनीकी कर्मचारियों और सफाई कर्मियों को 24×7 अलर्ट पर रखा गया है। आधुनिक मशीनरी और जेसीबी (JCB) को हाईवे के संवेदनशील पॉइंट पर तैनात किया जा रहा है। हाईवे की नियमित डिजिटल और फिजिकल मॉनिटरिंग की जा रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी? त्रिवेणी संगम हाईवे प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश भारद्वाज ने इस अभियान को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया “मॉनसून के दौरान किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए हमारी टीम लगातार फील्ड में सक्रिय है। हमारा पूरा ध्यान जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और सड़क की गुणवत्ता को दुरुस्त करने पर है। कंपनी का एकमात्र प्रयास है कि भारी बारिश के मौसम में भी यात्रियों को कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिले।”
समन्वय के साथ काम कर रही हैं एजेंसियां
NHAI का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस बार मॉनसून के दौरान कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर यातायात में एक मिनट का भी व्यवधान न आए। इसके लिए सभी संबंधित निर्माण और रखरखाव एजेंसियां आपस में तालमेल (Coordination) बनाकर काम कर रही हैं। प्रशासन का दावा है कि इस बार की तैयारियां इतनी मजबूत हैं कि बारिश के बावजूद वाहनों की आवाजाही पूरी तरह निर्बाध बनी रहेगी।




